गाजियाबाद 02 फरवरी (प्र)। गाजियाबाद में एक ही मोबाइल नंबर पर 22 पासपोर्ट जारी करने का मामला सामने आया है। सभी पासपोर्ट फर्जी दस्तावेज लगाकर बनवाए गए थे। पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर रविवार को एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
दिल्ली के रीजनल पासपोर्ट अधिकारियों ने गाजियाबाद के भोजपुर थाने को 22 पासपोर्ट के पतों की जांच कराने के लिए 11 दिसंबर 2025 को पत्र लिखा। इन सभी पासपोर्ट में भोजपुर और त्योड़ी गांव का पता लिखा है। यह भी बताया गया कि सभी पासपोर्ट में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज हैं। जांच में पता चला कि इन पतों पर एक भी पासपोर्ट धारक व्यक्ति नहीं रहता है और सभी पते फर्जी हैं।
पुलिस ने इस मामले में दिल्ली निवासी विवेक गांधी, प्रकाश सुब्बा और मेरठ निवासी अरुण कुमार को गिरफ्तार किया। फर्जी दस्तावेज लगाकर पासपोर्ट बनवाने अमनदीप सिंह और महिला सावंतकौर की भी गिरफ्तारी हुई। गिरफ्तार किए गए सतवंत और अमनदीप के नाम से यह दस्तावेत तैयार किए गए हैं। इसके बाद पासपोर्ट बना। उनके पास से 4 फर्जी आधार कार्ड, 2 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, 2 पासपोर्ट, 6 मोबाइल, 2 कार और कुछ नकदी बरामद की गई है।
कैसा हुआ वेरिफिकेशन जांच के घेरे में पुलिस
पासपोर्ट बनने से पहले पुलिस उसका वेरिफिकेशन करती है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस कुछ ऐसे पते हैं जिसमें पता तक ठीक नहीं है, उसे पुलिस ने वेरिफाई कर दिया है। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में जांच की जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों ने वेरिफिकेशन किया। उनके बारे में पता किया जा रहा है। इसके बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
इनके जारी किए गए पासपोर्ट
अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेधना राणा, रामकुमारी, दलजीत सिंह, मोहिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, कमलजीत कौर, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरन कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमैहर कौर के नाम पासपोर्ट जारी हुए हैं।
आरोप है कि विशाल ने अपने साथियों की मदद से इस 25 हजार रुपये लेकर सुरक्षा से खिलवाड़ किया। विशाल पूर्व में दिल्ली में पासपोर्ट ऑफिस के बाहर एजेंट के रूप में काम करता था। प्रकाश सुब्बा के साथ मिलकर यहां फर्जीवाड़ा कर रहा था। सामने आए मामले में बीते 6 महीने में सामने आए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी 25 हजार रुपये पासपोर्ट बनाने का ठेका लेते थे। उनके साथ गिरफ्तार सतवंत ने बताया कि उनका और बेटा एक पासपोर्ट पहले से दिल्ली के पते पर 2015 में बना था। उसमें कुछ दिक्कत होने पर वह रिन्यू नहीं हो रहा था।
इसके बाद वह विशाल के संपर्क में आए और उसने गाजियाबाद से पासपोर्ट बनवाने की बात कही। पहले भोजपुर के पते पर फर्जी आधार और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया और फिर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों को भी साथ लेकर फर्जी तरीके से वेरिफिकेशन करा पासपोर्ट तैयार करा दिया।

