प्रयागराज 29 जनवरी। उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेसवे जल्द ही खुलने वाला है. राज्य के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे पर फास्ट टैग टोल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इसके बाद माना जा रहा है कि अब इसके उद्घाटन की तारीख ज्यादा दूर नहीं है. ट्रायल के दौरान टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही, FASTag स्कैनिंग और पैमेंट प्रोसेस की जांच की गई. ये एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्से से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके शुरू होने से ना सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 600 किलोमीटर है. ये मेरठ से प्रयागराज तक बनाया जा रहा है. गंगा एक्सप्रेसवे से सिर्फ 6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज तक का सफर तय होगा. ये कई जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. इसके जरिए दिल्ली-एनसीआर से प्रयागराज और आसपास के इलाकों तक पहुंचना काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगा. FASTag ट्रायल का सफल होना इस बात का संकेत है कि एक्सप्रेसवे लगभग तैयार है. टोल प्लाजा पर कैशलेस भुगतान से समय की बचत होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी. अधिकारियों के मुताबिक, ट्रायल के दौरान तकनीकी सिस्टम सही तरीके से काम रहा था.
हालांकि अभी उद्घाटन तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन टोल ट्रायल पूरा होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. कुछ हिस्सों में अंतिम स्तर का काम और सुरक्षा से जुड़े टेस्ट अभी चल रहे हैं. गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने से लोगों को काफी फायदे होंगे. सफर का समय काफी कम होगा, ईंधन की बचत होगी, सड़क हादसों में कमी आएगी, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा. गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है.
गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ, उन्नाव, अमरोहा, संभल, हापुड़, बदायूं, रायबरेली, हरदोई, प्रयागराज जैसे 13 जिलों को जोड़ेगा. गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात ये है कि जरूरत पड़ने पर इसपर फाइटर जेट भी लैंड कर सकते हैं. एक्सप्रेस वे पर ऐसे 5 स्पॉट तैयार किए गए हैं. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर राफेल, सुखोई और जगुआर जैसे फाइटर जेट आसानी से उतारे जा सकते हैं.

