जब भी आप किसी के अभियान या सोच को ठेस पहुंचाएंगे तो वो गलत हो या सही सामने वाला रिएक्शन तो करेगा ही। वर्तमान समय में केंद्र व प्रदेश सरकारें चुनावी वादों और पार्टी की नीति को ध्यान में रखते हुए आम जनमानस को हर क्षेत्र में सुविधाएं और पात्रों को उनका लाभ उपलब्ध कराने हेतु भरपूर प्रयास कर रहे हैं। उसके बावजूद आम जनमानस को इसका लाभ ना मिलने पर जब कहीं से किसी भी प्रकार से अड़ंगा अटकाने वालों की स्थिति स्पष्ट करने या शासन और सरकार का ध्यान इस ओर दिलाने के लिए कुछ लाइनें प्रकाशित होती हैं। तो जनहित में उन्हें समाज के सामने लाने एवं जिम्मेदारों से अड़ंगा अटकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया जाता है तो अपने हितों पर होने वाले कुठाराघात से तिलमिलाए व्यक्ति सीधा सीधा आरोप लगाते हैं कि फलां व्यक्ति तो ब्लैक मेलर है। टुचियल सा समाचार पत्र निकालता है या ऑनलाइन चौनल चलाता है। हम ऐसे लोगों की चिंता नहीं करते। मगर वो चिंता भी नहीं करते और रिएक्शन भी तुरंत देते हैं तो उन्हें कितनी पीड़ा होती होगी इसका अंदाजा उनके हितों पर कुठाराघात होने की खबरों से पता चलता है।
वर्तमान समय में प्रदेश सरकार द्वारा आम आदमी को उसके कार्यों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने या मांगने पर कुछ शर्तों के साथ देने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम बनाया गया है तो यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा एक जनशिकायत पोर्टल शुरू किया गया है जिस पर आम नागरिक भ्रष्टाचार घोटाला या लापरवाही हो रही है तो उसकी सूचना पोर्टल पर देकर अपनी समस्याओं का समाधान और सरकारी योजनाओं को असफल करने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने हेतु बनाया गया लेकिन अगर पुलिस प्रशासन को छोड़ दें तो ज्यादातर सरकारी विभागों में काम के प्रति लापरवाही और भ्रष्टाचार की जो फसल उग रही है अगर उसे नहीं रोका गया तो सारी तैयारियों और प्रयासों को चौपट कर सकते हैं। आश्चर्य तो इस बात का है कि अपने आप को सत्ता के गलियारे का करीबी और वर्तमान व्यवस्था पर मजबूत पकड़ बताने वाले कुछ नौकरशाह ही सरकारी योजनाओं को असफल करने में जनता के मौखिक कहे अनुसार काम कर रहे हैं।
अब ऐसे में अगर मीडिया या जागरूक नागरिक अथवा जनहहित में काम करने वाली संस्थाओं जो भ्रष्टाचार की समाप्ति और प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार मुक्त माहौल की स्थापना के लिए काम कर रहे हैं उन्हें परदे के पीछे से भ्रष्टाचार में लिप्त बताए जाने वाले जो लोग भेड़ की खाल में छिपे भेडिये हो या सफेद नकाबपोश या नौकरशाह यह समझ लें कि अगर पीएम सीएम शासन प्रशासन की विकास को लेकर बनाई योजनाओं पलीता लगाने की कोशिश करेंगे तो हम जैसे लोग उनका भांडा फोड़ करने से नहीं चूकेंगे चाहे वह टटपुंजियां पत्रकार बताए या ब्लैकमेलर। मैं स्पष्ट कहता हूं कि अगर आम आदमी के हित की बात करना सरकारी योजनाओं को लागू कराने का प्रयास करना और पीएम मोदी व यूपी के सीएम योगी द्वारा भ्रष्टाचार मुक्त समाज की स्थापना के समर्थन में लिखना ब्लैकमेलिंग है तो मेरे किसी भी क्षेत्र में सक्रिय भ्रष्ट भाईयों खूब समझ लो कि मुझसे बड़ा ब्लैकमेलर हमेशा आपके नियम विरूद्ध कार्यो के पर्दाफाश करने में पीछे नहीं रहेगा आप चाहे किसी भ्ीा नाम से संबोधित कर कमजोर करने की कोशिश कर ले। जो व्यक्ति मीडिया से संबंधित है उसमें सक्रिय लोग आपके इन कमजोर बयानों से घबराने वाला नहीं है। और मैं खुलकर कहता हूं कि मैं ब्लैकमेलर हूं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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