Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • विश्व श्रवण दिवसः कम सुनने या अन्य बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में हो काउंसिलिंग और डॉक्टर की तैनाती
    • बुराईयों को त्यागने और जरुरतमंदों की मदद का त्योहार है होली
    • सरकार उद्योगपति और फिल्मी अभिनेता दे बढ़ावा, 3 मार्च 1875 को कनाडा में पहली बार हुआ था हॉकी मैच
    • भाजपा लाएगी कानून का राज, एक माह में जेल में होंगे अपराधी : राजनाथ
    • आईसीआईसीआई बैंक व फाइनेंस कंपनी के प्रबंधकों के खिलाफ जालसाजी का आरोप
    • पेशे से संबोधित करना एससी एसटी एक्ट के तहत अपराधन नहींः हाईकोर्ट
    • शंकराचार्य जहां भी जाएंगे हम करेंगे स्वागत वे भगवान हैं : केशव
    • सिरफिरे शोहदे ने घर में घुसकर 12वीं की छात्रा को मारी दो गोलियां, मौत
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»कुत्ता काटने पर सरकार को देना होगा भारी जुर्माना, सुप्रीम कोर्ट की फटकार- शौक है तो घर के अंदर रखें डॉग लवर्स
    देश

    कुत्ता काटने पर सरकार को देना होगा भारी जुर्माना, सुप्रीम कोर्ट की फटकार- शौक है तो घर के अंदर रखें डॉग लवर्स

    adminBy adminJanuary 13, 2026No Comments6 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 13 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी दी कि कुत्तों के काटने और मौत के हर मामले में भारी मुआवजा तय किया जा सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा कि कुत्तों को खाना खिलाने वालों (डॉग फीडर्स) को भी हमलों के लिए उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि कुत्ते के काटने का असर जीवन भर रहता है.

    जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा, ‘कुत्ते के काटने और हर मौत के मामले में, हम उन राज्यों के लिए भारी मुआवजा तय करेंगे जिन्होंने जरूरी इंतजाम नहीं किए. साथ ही, कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जवाबदेही तय की जाएगी. आप उन्हें अपने घर ले जाइए, वहीं रखिए. उन्हें इधर-उधर घूमने, काटने और पीछा करने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? कुत्ते के काटने का असर जीवन भर रहता है.’

    कोर्ट ने कहा कि कुत्तों को खाना खिलाने वालों के जज्बात सिर्फ कुतों के लिए है, इंसान के लिए नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अगर 9 साल की बच्ची को आवारा कुत्ते मार डालते है तो इसके लिए किसको जिम्मेदार माना जाए. क्या कुत्तों को खुले में खाना खिलाने के हिमायती संगठन को इसके लिए जिम्मेदार न माना जाए.

    सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे ‘एबीसी नियमों’ को लागू करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं.
    साथ ही पीठ ने आगे कहा, ‘हम केंद्र और राज्य सरकारों की जवाबदेही तय करने जा रहे हैं. यह मुद्दा हमेशा से चला आ रहा है. आपने खुद जिक्र किया है कि संसद 1950 के दशक से इस पर विचार कर रही है. केंद्र और राज्य सरकारों की ढिलाई के वजह से ही यह समस्या 1000 गुना बढ़ गई है.

    सर्वोच्च अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की बात सुनते समय वह ‘गंभीर सवाल’ उठाएगी। कोर्ट ने याद दिलाया कि पिछली सुनवाई के दौरान कुत्तों के साथ क्रूरता दिखाने वाले वीडियो देखने से मना कर दिया था, यह देखते हुए कि ऐसे वीडियो भी हैं जिनमें कुत्ते बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं।

    delhi dog-bite-death supreme-court tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    विश्व श्रवण दिवसः कम सुनने या अन्य बीमारियों से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में हो काउंसिलिंग और डॉक्टर की तैनाती

    March 3, 2026

    बुराईयों को त्यागने और जरुरतमंदों की मदद का त्योहार है होली

    March 3, 2026

    सरकार उद्योगपति और फिल्मी अभिनेता दे बढ़ावा, 3 मार्च 1875 को कनाडा में पहली बार हुआ था हॉकी मैच

    March 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.