नई दिल्ली 08 जनवरी। केके बिड़ला फाउंडेशन की ओर से वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए वर्ष 2025 का घनश्याम दास बिड़ला शोध पुरस्कार आईआईटी कानपुर में बायोलॉजिक साइंसेस एंड बायोइंजीनियरिंग की प्रोफेसर बुशरा अतीक को देने की घोषणा की गई है। इसके तहत पांच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है।
प्रो. बुशरा अतीक आईआईटी कानपुर के जैविक विज्ञान एवं जैव अभियांत्रिकी विभाग में प्रोफेसर हैं और वर्तमान में प्रोफेसर बुशरा, आईआईटी कानपुर की अंतरराष्ट्रीय संबंध की डीन हैं। प्रो.बुशरा कैंसर रिसर्ज (कैंसर का दोबारा सक्रिय या उभरकर सामने आना) विशेष रूप से प्रोस्टेट कैंसर के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जानी जाती हैं। इस पुरस्कार की अनूठी बात यह है कि इसके लिए चयन उन भारतीय वैज्ञानिकों का किया जाता है, जिनकी आयु 50 वर्ष या उससे कम है और जिन्होंने विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
बुशरा अतीक का शोध कैंसर रोगियों के इलाज में सहायक सिद्ध हुआ है। वह एक बायोमेडिकल अनुसंधान कार्यक्रम का नेतृत्व करती हैं। इसका उद्देश्य कैंसर रोगियों के लिए अगली पीढ़ी के निदान व उपचारात्मक रणनीतियों का विकास करना है। प्रोफेसर बुशरा के शोध ने विशेष रूप से प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल कैंसर में उपचार की रूपरेखाओं को पारिभाषित किया है। उन्होंने दिखाया कि प्रयुक्त एंटी-एंड्रोजन दवाएं प्रोस्टेट कैंसर में हानिकारक हो सकती हैं। उनकी टीम ने प्रोस्टेट कैंसर रोगियों के उपसमूह में बढ़े एसपीआईएनके-1 स्तरों के पीछे की नई जैविक प्रक्रियाओं का खुलासा किया, एपिजेनेटिक दवाओं की संभावनाएं स्थापित कीं और डब्ल्यूएचओ की ओर से स्वीकृत एंटी-मलेरियल दवा आर्टेमिसिनिन को पुनः प्रयुक्त कर प्रतिरोधी कैंसर में संवेदनशीलता बहाल की।
प्रो.अतीक की शैक्षणिक यात्रा बरेली से शुरू हुई, जहां से उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। नई दिल्ली स्थित एम्स और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी में शोध नियुक्तियों के बाद उन्होंने मॉन्ट्रियल स्थित मैकगिल विश्वविद्यालय में पोस्ट डॉक्टरल अध्ययन किया और इसके बाद अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में कार्य किया। 2013 में वह आईआईटी कानपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप में शामिल हुईं। बुशरा को शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, यूनेस्को टीडब्ल्यूएएस पुरस्कार सहित कई पुरस्कार प्राप्त हैं।

