नई दिल्ली 08 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया पोस्ट के सिलसिले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ दायर मामले में बुधवार को उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की। ये टिप्पणियां कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा को निशाना बनाकर की गई थीं। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार तथा शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर कहा कि गायिका के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अदालत ने राठौर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पिछले साल पांच दिसंबर को लोक गायिका द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। राठौर के खिलाफ प्राथमिकी 27 अप्रैल को लखनऊ में दर्ज की गई थी।
अब इस मामले में लोकगायिका का बयान सामने आया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया है। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के क्रम में नेहा सिंह राठौर ने आगे पुलिस की कार्रवाई में सहयेाग करने की बात कही है।
कोर्ट के फैसले पर नेहा सिंह राठौर ने कहा कि मैंने अभी ऑर्डर नहीं पढ़ा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला मेरी गिरफ्तारी पर रोक का है। यह मेरे लिए अच्छी खबर है। मैं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करना चाहती हूं। उन्होंने कहा कि जब मुझे दूसरा नोटिस आया तब मैं विवेचक के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने पहुंची थी। उस दिन सूर्यास्त हो गया था तो मेरा बयान दर्ज नहीं हो पाया। लेकिन, आगे जो भी प्रक्रिया होगी, मैं उसमें सहयोग करूंगी।
नेहा सिंह राठौर ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर हमने प्रधानमंत्री से ट्वीट कर सवाल पूछे थे। हमारा सवाल था कि सर, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? इसी को लेकर मेरे खिलाफ कोई देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। उसी मामले में यह सारी कार्रवाई हो रही है।
नेहा सिंह राठौर ने कहा कि यह आठ-नौ माह पुराना मामला है। वाराणसी के लंका थाना के मामले पर उन्होंने कहा कि हमें वहां से अभी तक नोटिस भी नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैं हमेशा सहयोग के लिए तैयार हूं।
क्या है मामला?
पहलगाम आतंकी हमले पर आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने की आरोपित लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी। साथ ही, कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर को जांच में सहयोग के निर्देश दिए हैं। नेहा पर 27 अप्रैल 2025 को हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।
दिसंबर में इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद वह तीन जनवरी को बयान दर्ज करवाने हजरतगंज थाने पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत के बाद नेहा जांच में सहयोग की बात करती दिखी हैं।

