नई दिल्ली 07 जनवरी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में दिल्ली मेट्रो रेल निगम के असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर अजय विमल (42), उनकी पत्नी नीलम (38) और 10 वर्षीय बेटी जान्हवी की आग में झुलसकर मौत हो गई। तीनों के शव घर के एक कमरे में बिस्तर पर जली हालत में मिले।
यह परिवार मुकुंदपुर स्थित मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने बने मेट्रो अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर रहता था। सोमवार रात करीब 2.34 बजे आग लगने की घटना सामने आई। यह आवासीय परिसर दिल्ली मेट्रो कर्मचारियों के लिए बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि कमरे में लगे रूम हीटर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी। आग तेजी से फैल गई और परिवार को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
अधिकारियों ने बताया कि तीनों शव सोने की अवस्था में पाए गए। ऐसा प्रतीत नहीं होता कि आग लगने के बाद उन्होंने बचने की कोशिश की हो। संभावना है कि आग फैलने से पहले ही धुएं की चपेट में आने से वे बेहोश हो गए होंगे।
दिल्ली फायर सर्विस को रात 2.39 बजे सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर छह दमकल गाड़ियां भेजी गईं। सोसाइटी की आंतरिक फायर सिस्टम की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। राहत कार्य के दौरान एक दमकलकर्मी राकेश घायल हो गया, जिसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
तीनों शव बुरी तरह जल चुके थे। बच्ची की पहचान आसानी से हो गई, जबकि अजय और नीलम की पहचान करना कठिन था। नीलम की पहचान उनके शरीर से चिपके कपड़ों के आधार पर की गई।
बाबू जगजीवन राम शवगृह के बाहर मौजूद डीएमआरसी के एक अधिकारी ने बताया कि अजय विमल परिवार के साथ इस सोसायटी में वर्ष 2016 से रह रहे थे। तभी यह सोसायटी बनकर तैयार हुई थी। जहां डीएमआरसी स्टाफ को क्वार्टर अलाट हुए थे। विमल की तैनाती बाराखंभा स्थित कार्यालय में थी। अजय ने वर्ष 2006 में डीएमआरसी को जाइन किया था। मृतक अजय विमल दो भाई और तीन बहन हैं। अजय उनके छोटे भाई थे। बड़े भाई मनोज उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हैं। उनके पिता मध्य प्रदेश पुुलिस में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर्ड थे।

