झांसी 01 जनवरी। झांसी में सेंट्रल जीएसटी अफसरों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को चपत लगाए जाने का भी खेल काफी समय से चल रहा था। इसका भंडाफोड़ भी पिछले महीने ही हुआ। उसके बाद से ही सेंट्रल जीएसटी के अफसर सीबीआई के रडार पर आ गए थे। उस दौरान झांसी मंडल में 17 बोगस फर्म पकड़ी गई।
साठगांठ करके इनको सिर्फ कागजों में बनाया गया था। इनके सहारे करीब 25 करोड़ रुपये का आरटीसी इनपुट क्रेडिट क्लेम का लेनदेन पकड़ में आया था। अभी तक की छानबीन में इस रैकेट के तार झांसी से लेकर मुरादाबाद, लखनऊ, महाराष्ट्र एवं गुजरात तक से जुडे हैं।
झांसी परिक्षेत्र में कुल 71,861 फर्म जीएसटी में पंजीकृत हैं, इनमें 41,330 फर्म राज्य जीएसटी और 30,511 फर्म सेंट्रल जीएसटी के दायरे में हैं। नवंबर में मुरादाबाद एवं लखनऊ में फर्जी फर्मों की जांच के बाद झांसी मंडल में 17 फर्में सिर्फ कागजों पर कारोबार करती पाई गईं।
जांच करने पर मालूम चला कि बगैर खरीद किए ही इनकी ओर से माल बिक्री दिखाई गई थी। खरीद और बिक्री के बीच बड़ा अंतर मिला। फर्जी दस्तावेजों के सहारे इन फर्मों का सीजीएसटी के माध्यम से पंजीकरण कराया गया था। पंजीकरण के बाद से इन्होंने 25 करोड़ रुपये की चपत लगाई।
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने झांसी स्थित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) दफ्तर में बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी का खुलासा करते हुए आईआरएस अफसर प्रभा भंडारी समेत पांच लोगों को अरेस्ट किया है। करोड़ों की टैक्स चोरी मामले में कारोबारी को राहत देने के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की डीलिंग की शिकायत हुई थी। करीब आठ दिन से डीलिंग चल रही थी। डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को उनके दिल्ली स्थित आवास से पकड़ा गया। बाकी चारों आरोपियों को झांसी से गिरफ्तार किया गया।
दरअसल, CBI ने 70 लाख की घूस लेते जीएसटी के 2 सुपरिटेंडेंट को रंगेहाथ पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मास्टरमाइंड मैडम हैं। उनके कहने पर ही डेढ़ करोड़ में डील हुई थी।
पहली किस्त के तौर पर 70 लाख रुपए ले रहे थे। ऐसे में CBI अफसरों ने अपने सामने सुपरिटेंडेंट से मैडम को फोन करवाया। दो रिंग जाते ही मैडम ने कॉल उठा ली। सुपरिटेंडेंट ने कहा- पार्टी से 70 लाख रुपए आ गए। जबाव में प्रभा बोली- बहुत बढ़िया। इस रकम को गोल्ड में कनवर्ट कराकर मुझे दे दो।
इस दौरान प्रभा भंडारी दिल्ली में थी। तब एक टीम ने उनको दिल्ली में ही अरेस्ट कर लिया। इस बीच झांसी में बुधवार रात उनके फ्लैट का ताला तोड़कर सीबीआई ने लगभग 4 घंटे तक तलाशी ली। जहां से रिश्वत के 70 लाख रुपयों समेत 1.60 करोड़ नकद, लाखों रुपये की सोना चांदी की जूलरी और संपत्तियों के कागजात बरामद किए हैं। प्रभा भंडारी के पति आर्मी में कर्नल हैं।
पकड़े गए लोगों में केस सेटल कराने में लगे जीएसटी मामलों के वकील नरेश कुमार गुप्ता और हार्डवेयर कारोबारी राजू मंगनानी भी शामिल हैं। डीलिंग का सूत्रधार वकील था। करीब आठ दिन पहले जय दुर्गा हार्डवेयर में सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मारा था। उसके संबंध में ही डेढ़ करोड़ रुपये घूस की मांग की गई थी। उसके बाद लगातार मामले को दबाने के लिए अफसरों और कारोबारी के बीच डील चल रही थी। अंत में 70 लाख रुपये पर डील फाइनल हुई।
सीबीआई टीम ने जब कारोबारी और वकील को पकड़ने का प्रयास किया तो वे भागने लगे। इस चक्कर में कारोबारी के पैर में चोट आई। गिरफ्तार लोगों में अधीक्षक अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा भी शामिल हैं।

