नई दिल्ली 01 जनवरी। क्राइम ब्रांच की टीम ने दिल्ली और NCR में टाटा नमक, घी, इनो, ऑल आउट और वीट जैसे नकली ब्रांडेड घरेलू सामान बनाने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तम नगर के नितिन कुमार, मंगोलपुरी के रजत सिंघल उर्फ चिंटू, सुरेंद्र गुर्जर और मुजाहिद उर्फ कार्तिक के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 345 लीटर मधुसूदन घी, 255 लीटर पतंजलि घी, 531 लीटर अमूल घी, 8,640 इनो पाउच, 1,200 ऑल आउट, 1,152 वीट और तीन हजार किलोग्राम टाटा नमक बरामद किया है।
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तम नगर इलाके में नकली ब्रांडेड सामान की बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और तय समय पर संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली.
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे मिलावटी कच्चे माल से नकली घी तैयार कर उसे नामी कंपनियों के डिब्बों और रैपर में पैक करते थे. नकली सामान को गोदामों में स्टोर कर टेंपो और डिलीवरी बॉय के जरिए स्थानीय बाजारों और थोक व्यापारियों तक पहुंचाया जाता था, ताकि किसी को शक न हो.
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर नकली घी बनाने की फैक्ट्री का भी खुलासा किया. यहां से घी बनाने और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, फर्जी रैपर, खाली डिब्बे और अन्य सामग्री बरामद की गई. इसके अलावा निलोठी और निहाल विहार इलाके में छापेमारी कर नकली टाटा नमक की पैकिंग और भंडारण का भी पता चला. वे अमूल, पतंजलि, मधुसूदन, टाटा सॉल्ट, ईनो, ऑल आउट और वीट जैसे जाने-माने ब्रांडों के खाली टिन, नकली रैपर और पैकेजिंग सामग्री खरीदते थे। नकली घी एक अवैध फैक्ट्री में मिलावटी कच्चे माल का उपयोग करके बनाया जाता था और फिर नकली लेबल लगाकर पैक किया जाता था।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में हजारों लीटर नकली घी, हजारों सैशे ईनो, सैकड़ों ऑल आउट और वीट के पैकेट और कई क्विंटल नकली नमक जब्त किया गया है. संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों ने जांच के बाद सभी सामान को नकली बताया है.
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और कॉपीराइट एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था और इससे न सिर्फ आम जनता बल्कि कंपनियों को भी भारी नुकसान हो रहा था. पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और आगे भी इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

