सोशल मीडिया दिग्गज मेटा ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नई एआई कंपनी मानुस को अपने साथ जोड़ लिया है। इसमें ऐसे एआई सिस्टम विकसित किए जाते हैं जो इंसानों की तरह खुद फैसले लेकर काम कर सकें। मानुस की स्थापना चीन में हुई थी। यह स्टार्ट-अप एआई एजेंट विकसित करता है, जो रिज्यूमे छांटने, ट्रैवल प्लान बनाने में मदद करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सौदे की कीमत 2 अरब डॉलर (लगभग 180 अरब रुपये) से अधिक आंकी गई है। हालांकि, मेटा ने आधिकारिक तौर पर आंकड़ा जारी नहीं किया है।
यह कदम मेटा की वैश्विक AI रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर एडवांस्ड AI फीचर्स और ऑटोमेशन को तेजी से मजबूत करना चाहती है।
मानुस AI ऐसे जनरल-पर्पज AI एजेंट बनाती है, जो किसी डिजिटल कर्मचारी की तरह काम कर सकते हैं।
ये एजेंट रिज्यूमे जांच, डाटा एनालिसिस और ऑटोमेटेड टास्क जैसे काम संभाल सकते हैं। मेटा का मानना है कि इस टेक्नोलॉजी से उसके उपभोक्ता और बिजनेस प्रोडक्ट्स दोनों ज्यादा उपयोगी बनेंगे।
इस महत्वपूर्ण अधिग्रहण के बाद, इन सभी AI क्षमताओं को मेटा के प्लेटफॉर्म्स में तेजी से जोड़े जाने की उम्मीद है।
मानुस की खरीद मेटा की बड़ी AI निवेश रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
इससे पहले कंपनी ने स्केल AI में निवेश किया था, जिसकी वैल्यू करीब 29 अरब डॉलर (लगभग 2,600 अरब रुपये) आंकी गई थी। मेटा लगातार AI इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट हायरिंग और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप पर खर्च बढ़ा रहा है।
इसका मकसद बड़े लैंग्वेज मॉडल और AI एजेंट्स की दौड़ में प्रतिस्पर्धियों से आगे रहना है।
मानुस AI फिलहाल सिंगापुर से ऑपरेट करती है, जो अब कई चीनी टेक कंपनियों का पसंदीदा ग्लोबल बेस बनता जा रहा है।
मेटा के लिए यह अधिग्रहण सिर्फ नई टेक्नोलॉजी हासिल करना नहीं है, बल्कि एक तैयार और काम कर रहे AI सिस्टम तक सीधी पहुंच भी है।
इससे मेटा तेजी से बदलते, अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और वैश्विक AI बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

