MMA Matrix जिम, Karigari रेस्टोरेंट और IDFC First Bank के संचालन को लेकर शिकायत , जिम की सदस्यता लेने वाले का पैसा खतरे में ।
मेरठ विकास प्राधिकरण का अवैध निर्माणों का सर्वे जारी जल्द हो सकती है सीलिंग या बड़ी कारवाही ।
मेरठ, 26 अगस्त (प्र)। मेडा मेरठ विकास प्राधिकरण और रेरा के अफसरों के द्वारा शहरो के सौंदर्यकरण और सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने तथा अवैध निर्माण आदि पर रोक लगाने के लिए किये जा रहे भरपूर प्रयासों के बावजूद थाना सिविल लाइन क्षेत्र की कालोनी राजलोक में पुराना घर 5 सिविल लाइन अब हाउस नंबर 268 पर मानचित्र पास बताकर अवैध निर्माण और फिर रिहायशी प्लॉट में कॉमर्शियल गतिविधियां शुरू कर हर माह लाखों रुपये की कमाई शुरू कर दी गयी। कई जांच भी चल रहीं है देर सवेर कार्यवाहीं भी होना सुनिश्चित है इसके बावजूद यहां राजेश मित्तल नामक व्यक्ति ने हाउस नंबर प्लॉट 268 को कुछ हिस्सों में बांट कर जो अवैध कॉमर्शियल निर्माण किया गया उसमें पहले तो आईडीएफसी बैंक खुला उसके बाद दूसरे तल पर कारीगरी रेस्टोंरेंट खुल गया और अब अंतिम मंजिल पर एमएमए मेट्रिक्स जिम की शाखा जो फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की बताई जाती है वह अवैध रूप से खुलने जा रही है। कुछ दिनों में ऐसी ईमारतों के गलत निर्माण से जाम में फंसने वाले नागरिकों का कहना है कि उक्त अवैध ईमारत के निर्माणकर्ता राजेश मित्तल के साथ ही जिम और कारीगरी रेस्टोरेंट व बैंक से संबंध उनके संचालकों को भी नोटिस देकर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने का दोषी ठहराते हुए कार्यवाहीं होनी चाहिए। इस संदर्भ में एक सज्जन का कहना था अगर जल्द ही मेडा और रेरा ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्यवाहीं नहीं कि तो मामला माननीय न्यायालय ले जाया जाएगा जिसमें मेडा और रेरा के अफसरों को भी मानचित्र के पास के नाम हुए निर्माण पर कार्यवाहीं न करने के लिए तथा ईमारत निर्माणकर्ता राजेश मित्तल और तीनों किरायेदारों को भी पार्टी बनाया जा सकता है।
स्मरण रहे कि लगभग 1000 गज के इस रिहायशी प्लॉट में पहले तो पेड़ काटे गये और फिर सरकार और न्यायालय के आदेशों के बावजूद गलत तरीके से बेसमेंट खोदा गया और कहा गया कि अपने डाक्टर बेटे का क्लीनिक व नर्सिंग होम खोला जाएगा लेकिन बाद में बैंक कारीगरी रेस्टोरेंट और एमएमए मेट्रिक्स जिम खुलने की चल रही है तैयारी।
स्मरण रहे कि इस ईमारत के आगे ना तो वाहन खड़े करने के लिए स्थान है और ना ही शासन की निर्माणा नीति के तहत सेटबैंक छोड़ा जाता है वह भी नहीं छोड़ा गया और इतनी बड़ी ईमारत में एक ही आने जाने का मैन गेट है। और गलत तरीके से निर्मित इस इमारत में निकलने के लिए दूसरा भी गेट नहीं है। देखना क्या है कि अब भविष्य में क्या क्या होता है। ताज्जुब की बात यह है कि माननीय उच्च न्यायालय ने सभी अवैध ईमारतों और कॉलोनियों पर के खिलाफ कार्यवाहीं के निर्देश दिये है तो यूपी के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के द्वारा भी सरकार की निर्माण नीति के विपरीत ईमारत बनाने और उनमें सहयोग करने वाले जिम्मेदारों पर कार्यवाहीं के निर्देश दिये गये। बताये जाते हैं आश्चर्य इस बात का है कि यहां कुछ दूर शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट मंे अवैध निर्माण तोड़ने की बात चली है और यहां मेडा के अधिकारी अपनी नाक के नीचे करा रहे हैं अवैध निर्माण आखिर कौन करेगा कार्यवाहीं इस अंधेर नगरी चौपट राजा के खिलाफ।
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