देहरादून, 26 अगस्त (ता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्ष में गत दिवस हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारी हित, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सहकारिता से जुड़े 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। सबसे अहम फैसले में उपनल कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से समान काम-समान वेतन देने पर सहमति बनी। वहीं उत्तराखंड को 25 वर्ष के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई। राज्य के शहीद सैनिकों की उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया तय की है। 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों पर पहले से कार्रवाई चल रही है। 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों के लिए प्रक्रिया 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी, जबकि 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मियों के लिए कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी। पुराने पात्र उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने पर भी सहमति बनी है। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूपीसीएल को अडानी पावर से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई। 25 वर्षों के लिए कुल टैरिफ 5.746 रुपये प्रति यूनिट रहेगा। बिजली आपूर्ति समझौते और नियामकीय औपचारिकताएं पूरी करने के लिए यूपीसीएल को अधिकृत किया गया है। कैबिनेट ने राज्य के शहीद सैनिकों की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित करने का फैसला लिया। सरकार का उद्देश्य शहीदों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत करना है।
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