लखनऊ, 29 जुलाई (ता)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गत दिवस एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने प्रदेश के हर सियासी गलियारे में हलचल तेज कर दी है। दरअसल, लखनऊ के लालबाग स्थित नए विधायक निवास की 7वीं मंजिल से अचानक नीचे गिरने से पूर्व मंत्री नानकदीन भुर्जी की दर्दनाक मौत हो गई।
हजरतगंज में गत दिवस करीब दो बजे मदेयगंज के खदरा निवासी दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री नानकदीन भुरजी (55) ने नए विधायक आवास की सात मंजिल से कूद कर जान दे दी। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। आवास में ले सीसीटीवी फुटेज में वह कूदते हुए दिखे हैं। एसीपी ने कहा कि नानकदीन मूलरूप से बाराबंकी के बेहटा के रहने वाले थे। वह इस समय भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में पदाधिकारी थे। उनके सहयोगी लालन गुप्ता ने बताया कि गत दिवस सुबह करीब 11 बजे वह नानकदीन के साथ नए विधायक आवास के सातवें तल स्थित विधायक हंसू राम के फ्लैट संख्या 703 में पहुंचे थे। फ्लैट में विधायक के प्रतिनिधि आरिफ भी मौजूद थे।
लालन के अनुसार, दर्जा प्राप्त पूर्व राज्य मंत्री ने उन्हें जाने के लिए और फिर दोबारा दोपहर तीन उन्हें लेने के लिए आने की बात कही थी। एसीपी ने कहा कि दोपहर करीब दो बजे नानकदीन ने आरिफ को कॉफी बनाने के लिए बोला था। आरिफ किचन चले गए और काफी बनाने लगे। तभी उन्हें जोर से आवाज सुनाई पड़ी वह भाग कर अपार्टमेंट की बालकनी में पहुंचे तो उन्हें सड़क पर पड़े हुए थे। भाग कर वह सड़क पर गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर हजरतगंज पुलिस और एफएसएल टीम पहुंची। टीम ने छानबीन की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। फुटेज में पूरी घटना कैद हो गई। मामले की जानकारी पुलिस ने उनके घरवालों और ससुर को दी।
सिविल अस्पताल में मौजूद नानकदीन के बड़े भाई प्रवीण गुप्ता ने बताया कि छोटे के भाई के परिवार में उनकी पत्नी मंजू, बेटा उत्तम, पुरुषोत्तम और एक बेट है। प्रवीण का कहना है कि छोटे भाई पार्टी में पद को लेकर परेशान रहते थे।वहीं, नानकदीन के ससुर अलीगंज के बड़ा चांदगंज निवासी भोलानाथ ने कहा कि उन्होंने दामाद से कई बार उनसे कुछ समस्या के बारे में पूछा, मगर उन्होंने कभी ऐसे नहीं कही। जबकि नानकदीन के परिचित ने अज्ञात पर उनकी हत्या करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की है। एसीपी हजरतगंज ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री अक्सर विधायक आवास में घूमते दिखते थे। फिलहाल अभी तक उनके घरवालों ने थाने में लिखित तहरीर नहीं दी है। अगर वे शिकायत देंगे तो जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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