मुजफ्फरनगर 23 जुलाई। सिविल लाइन थाने की हिंदू बस्ती मोहल्ला जनकपुरी में हिंदू समाज के दो मकानों को मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा खरीदने पर रोष जताया गया हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार व कार्यकर्ताओं ने मोहल्ले में पहुंच कर क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर पंचायत की। दोनों मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए थे। पुलिस के साथ नायब तहसीलदार सदर हरेंद्र सिंह ने दोनों मकानों को खाली करा दिया उन पर सील लगा दी।
जनकपुरी गली नंबर तीन में हिंदू समाज के दो मकानों को लगभग दो माह पहले बेचा गया था उस समय किसी भी मोहल्लावासी को इस बारे में जानकारी नहीं हुई। आरोप है कि दोनों मकानों में मुस्लिम समाज के दो परिवार आकर रहने लगे और शाम के समय 10-15 युवक कुर्सी बिछाकर बैठने लगे तो लोगों को दोनों मकानों के बेचने के जानकारी हुई इस बारे में मोहल्लावासियों ने डीएम कार्यालय में शिकायत की कार्रवाई न होते देखकर मोहल्लावासियों ने हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार से संपर्क किया। बुधवार दोपहर में समिति के कार्यकर्ता मोहल्ले में पहुंचे और जानकारी ली। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने दोनों मकानों के बाहर धरना शुरू कर दिया। महिलाओं और युवकों ने एकत्र होकर हनुमान चालीसा का पाठ आरंभ कर दिया। हंगामा होने पर सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा समेत सिविल लाइंस थाने से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। लोगों को समझाकर शांत कराया गया।
नरेंद्र पवार ने आरोप लगाया कि कॉलोनी में छह से अधिक मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे, जिनमें रामकुमार ने महमूदनगर निवासी आदिल को 19 लाख रुपये बेचा था। आदिल ने 14 लाख रुपये दिए थे, जबकि पांच लाख रुपये बाकी थे। वह यहां पर लगभग दो माह से रह रहा था। दूसरा मकान मनीष से महमूदनगर निवासी जीशान ने 22 लाख रुपये में खरीदा था।
मुजफ्फरनगर सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा का कहना है कि मकानों को खाली कराया गया है, इसकी जानकारी नहीं है। कॉलोनी में हंगामा होने की सूचना पर पुलिस फोर्स तैनात रखी गई थी। मकानों को लेकर उन्हें शिकायत नहीं मिली है। प्रशासनिक स्तर से इस मामले की जांच की जा रही है।

