मेरठ 11 जुलाई (प्र)। बाजार में खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को पूरा वजन मिले, इसके लिए बाट-माप विभाग ने गंगानगर क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीएम के निर्देश पर विभाग की टीम ने दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दो मामलों में घटतौली पकड़ी गई, जबकि अन्य अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए कुल आठ चालान किए गए। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। जिला बाट माप विभाग की टीम ने गंगानगर क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक काटे, बाट, माप उपकरण और तौल की प्रक्रिया की जांच की गई। निरीक्षण में दो प्रतिष्ठानों पर निर्धारित मानकों से कम वजन देकर सामान बेचने की पुष्टि हुई। इसके अलावा कई प्रतिष्ठानों पर वैधानिक नियमों का पालन नहीं मिलने पर कुल आठ चालान किए गए। विभाग का कहना है कि उपभोक्ता हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनसे नियमानुसार जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के समय शमन शुल्क मौके पर नहीं लिया जाता। संबंधित व्यापारी यदि शमन का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हैं, तभी नियमानुसार शमन शुल्क जमा कराया जाता है। इसके बाद प्रकरण का निस्तारण किया जाता है अधिकारियों ने कहा कि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे अभियान आगे लगातार चलाए जाएंगे। यदि किसी उपभोक्ता को कम तौल, गलत माप या बाट-माप से जुड़ी कोई शिकायत हो तो वह विभाग को सूचना दे सकता है। शिकायत सही मिलने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ता हितों से समझौता नहीं, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई
जिला बाट माप-तौल विभाग के जिला प्रभारी बिमल सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के आधार पर गंगानगर क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के दौरान दो मामलों में घटतौली और अन्य अनियमितताएं मिलने पर कुल आठ चालान किए गए। उन्होंने ष्ट किया कि कार्रवाई के समय शमन शुल्क नहीं लिया जाता। संबंधित व्यापारी द्वारा शमन प्रार्थना पत्र देने के बाद ही नियमानुसार शमन शुल्क जमा कराया जाता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

