मेरठ 22 जून (प्र)। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए जल्द ही पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने वाले हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) शुरू किए जाने की तैयारी है। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को डिग्री के साथ उद्योगों में प्रशिक्षण और कायानुभव भी मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय अब शासन के दिशा- निदेशों के अनुरूप इन कोर्सों को शुरू करने की प्रक्रिया में जुट गया है। एईडीपी एक विशेष प्रकार का हाइब्रिड डिग्री एवं डिप्लोमा कार्यक्रम है, जिसमें कक्षा में पढ़ाई के साथ उद्योगों में अनिवार्य अप्रेंटिसशिप भी शामिल होती है। विद्यार्थियों को पहले दो वर्षों तक नियमित अध्ययन कराया जाएगा, जबकि अंतिम वर्ष में उन्हें विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा इससे छात्रों को पढ़ाई पूरी होने से पहले ही व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।
विश्वविद्यालय के अनुसार, अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिमाह सात हजार से नौ हजार रुपये तक का स्टाइपेंड भी मिल सकता है। इसके लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों के साथ समझौते करेंगे, ताकि छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में बीकॉम इन लॉजिस्टिक्स, बीकॉम इन बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, बीकॉम इन रिटेल ऑपरेशंस, बीकॉम इन ई-कॉमर्स ऑपरेशंस तथा बीएससी इन टेक्नोलॉजी और मीडिया जैसे रोजगारोन्मुखी कोर्स शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों को बाजार की मांग और उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस पहल से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी पाने में आसानी होगी। पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने से छात्रों को उद्योगों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक तैयार हो सकेगे। नई व्यवस्था को विश्वविद्यालय में शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कायानुभव और कौशल विकास का भी लाभ मिलेगा।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने यूजी (एनईपी) द्वितीय सेमेस्टर और एमबीए मई परीक्षा की ओएमआर उत्तर कुंजियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दी हैं। बीएससी, बीए, को-करिकुलर कोर्स ह्यूमन वैल्यूज एंड एनवायरनमेंट स्टडीज तथा एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए कुंजियां उपलब्ध करा दी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से उत्तर कुंजियों का अवलोकन करने को कहा है। यदि किसी प्रश्न अथवा उत्तर को लेकर कोई आपत्ति है तो छात्र 22 जून की रात 12 बजे तक ई-मेल के माध्यम से अपनी आपत्ति भेज सकते हैं।
विषय विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी और उसी के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों में संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है। विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार सत्र 2026-27 में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों को राहत देते हुए यह निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समय पर संपन्न कराई जा सके।
अभ्यर्थियों को मिलेगा प्रोफाइल सुधार का अवसर
विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में पंजीकृत अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक प्रोफाइल संशोधन का अवसर प्रदान किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार छात्र-छात्राएं 22 जून से 28 जून तक अपने आवेदन पत्र में दर्ज जानकारी में आवश्यक सुधार कर सकेंगे। इस दौरान अभ्यर्थी शैक्षणिक विवरण, अंक, विषय अथवा अन्य आवश्यक जानकारियों में संशोधन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी समस्या से बचने के लिए छात्र इस सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं।
आई फॉर ऑल की ऑनलाइन परीक्षा 2 जुलाई को
विश्वविद्यालय ने कौशल विकास (स्किल एन्हांसमेंट) पाठ्यक्रम एआई फॉर ऑल की परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों के बीए, बीकॉम और बीएससी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों की 40 अंकों की आंतरिक परीक्षा 2 जुलाई को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित होगी। छात्र सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। किसी कारणवश परीक्षा से वंचित रहने वाले विद्यार्थियों को 3 जुलाई को पुनः अवसर दिया जाएगा। वहीं विषय की 60 अंकों की बाह्य परीक्षा 7 जुलाई को ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से समय रहते तैयारी पूरी करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

