हरिद्वार 10 जून। उत्तराखंड के हरिद्वार में बैरागी कैंप से तीन वर्षीय मासूम राधिका के अपहरण मामले में हरिद्वार पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का प्रेस वार्ता कर भंडाफोड़ कर दिया. एसएसपी नवनीत सिंह की निगरानी में गठित पुलिस टीमों ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैले नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. लगातार छापेमारी, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस गिरोह तक पहुंची और मासूम राधिका को सकुशल बरामद कर लिया.
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बच्चों को चोरी कर निसंतान दंपतियों को दो से पांच लाख रुपये में बेचता था. गिरोह में बच्चों की चोरी, परिवहन, ग्राहक तलाशने और फर्जी माता-पिता बनकर सौदा करने तक की जिम्मेदारियां अलग-अलग सदस्यों में बंटी थीं. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी किए गए करीब डेढ़ वर्षीय बच्चे कार्तिक को भी सकुशल बरामद किया. मामले में मानव तस्करी की धाराएं बढ़ाई गई हैं और पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों व नेटवर्क की तलाश में जुटी है.
जानकारी के मुताबिक 6 जून को झुग्गी झोपडी बैरागी कैम्प निवासी विनोद सोलंकी ने कोतवाली कनखल पर सूचना दी कि उसकी 3 वर्षीय नाबालिग बच्ची राधिका को कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है. जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
बच्चे से जुड़े इस मामले में पीड़ित पिता द्वारा लगाए गए आरोपों को संजीदगी से लेते हुए एसएसपी नवनीत सिंह द्वारा पुलिस टीमों का गठन किया गया तथा बच्ची की जल्द और सकुशल बरामदगी की जिम्मेदारी देते हुए ये भी निर्देश दिये कि प्रकरण में हर घंटे की प्रगति के बारे में उन्हें अपडेट दिया जाये.
पीड़ित परिवार की माली हालत देखते हुए इतना तो साफ था कि ये अपहरण का मकसद फिरौती मांगना तो नहीं है. इसलिए पुलिस ने अपना फोकस परिवार की किसी नई/पुरानी दुश्मनी या बच्चा चोरी गिरोह की संलिप्तता के एंगल की ओर रखा.डिजिटल और मैनुअल पुलिसिंग का संतुलन बनाते हुए पुलिस टीम ने हर वो रास्ता आजमाया जिससे कि बच्ची तक पहुंचा जा सके. इस दौरान मानसिक थकान से भरे डंप डाटा विश्लेषण, सैकडों कैमरा फुटेज का अवलोकन और मुखबिर तंत्र को एक्टिव करना महत्वपूर्ण रहा क्योंकि हर बीतता लम्हा बच्ची के लिए आफ़त का सबब बन रहा था. जुटाए गए डेटा के आधार पर सामने आए चेहरे की तलाश के लिए पुलिस द्वारा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया.
लगातार की जा रही मेहनत के दम पर जब कड़ी से कड़ी जुड़ी तो नतीजा ये निकला कि पुलिस ने गिरोह के कुल 06 सदस्य जिसमें 02 महिलाएं भी शामिल हैं, पुलिस की गिरफ्त में आ गए. उत्तराखण्ड व उत्तर प्रदेश में हरिद्वार पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी और गिरफ्तारी से सदमे में आए बच्चा चोर गिरोह के अन्य सदस्य अपनी जान बचाने के लिए अपहृत बच्ची को आनन्द बिहार रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में ही छोड़कर फरार हो गये. बच्ची को RPF की सूचना पर हरिद्वार से दिल्ली पहुंची पुलिस टीम ने सकुशल रिकवर किया.

