कानपुर 10 जून। उत्तर प्रदेश के कानपुर में बदहाल सरकारी व्यवस्था का नमूना सामने आया है। अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आए पिता को मृत्यु प्रमाण पत्र थमा दिया गया। अब बेटे को जीवित साबित करने के लिए पिता कई महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।
पूरा मामला नरवल तहसील के सरसौल विकासखंड के बांबी गांव का है। 9 जनवरी, 2026 को जितेंद्र कुमार अपने बेटे आयांश का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया था। 24 फरवरी को उनको मृत्यु प्रमाण पत्र पकड़ा दिया गया जिसे देखकर वह हैरान रह गए।
जितेंद्र कुमार का कहना है कि वह नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए महीनों से तहसील और ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। कई बार अफसरों से गुहार लगाई पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ना अब तक उनके प्रमाण पत्र में कोई सुधार हुआ है और न ही नया जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
बांबी पंचायत के सचिव जुबैर अहमद ने आशंका जताई कि ऑनलाइन आवेदन करते समय जन्म और मृत्यु के दो विकल्पों में से गलती से मृत्यु का विकल्प चुन लिया होगा जिसके कारण यह गलती हो गई।
जुबैर अहमद ने बताया कि यह प्रमाण पत्र पूर्व में कार्यरत पंचायत सचिव की तरफ से जारी किया गया था। अब उस मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया गया है। परिवार को नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करने की सलाह दी गई है।

