गाजियाबाद 04 जून। ट्रॉनिका सिटी पुलिस ने अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पदाफांश किया है। गिरोह के 12 सदस्यों को पकड़ा गया है। जिसमें छह महिलाएं भी शामिल है। इनमें एक दंपति भी है। गिरोह 11 दिन की नवजात बच्ची को बेचने की फिराक में था। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। आरोपियों के पास से तीन वाहन और करीब दो लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार 26 मई 2026 को ट्रॉनिका सिटी थाने में एक महिला द्वारा अपनी नवजात बच्ची को बहला फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीमों का गठन किया गया और तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज व मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह तक पहुंचा गया। जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक तंगी और पारिवारिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर महिलाओं को झांसे में लेता था। आरोपियों द्वारा उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि पैदा होने वाले बच्चों को अच्छे परिवारों में भेजा जाएगा और बदले में मोटी रकम दिलाई जाएगी। इसके बाद नवजातों को दूसरे राज्यों में बेचने की साजिश रची जाती थी।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी नकली नोटों का इस्तेमाल कर बच्चों की खरीद-फरोख्त करते थे। जिन लोगों से बच्चा लिया जाता, उन्हें असली रकम का लालच देकर नकली नोट थमा दिए जाते थे। पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से इस घिनौने धंधे में सक्रिय था और कई राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले लोग शामिल हैं। इनके नाम सुनील कुमार, संजय, राजेंद्र सिंह, पवन कुमार, मनोज उर्फ मोनू, राबिया, विनीत कुमार, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम है। इनमें राविया और विनीत कुमार पति पत्नी है। पुलिस ने बताया कि गिरोह के पांच सदस्य फरार है। उनकी तलाश की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस पूर्व में हुई संदिग्ध घटनाओं की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

