मेरठ 18 मई (प्र)। दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे का चौथा चरण डासना से मेरठ के परतापुर तक बना है, जिस पर आवागमन जारी है। इसी चौथे चरण के बीच से एक कनेक्टर मेरठ-बुलंदशहर हाईवे तक बनाया जाना है। यह पांचवां चरण है, जिसके निर्माण की समयसीमा दो साल में तीन-चार बार बढ़ चुकी। पिछले साल दिसंबर से काम रुकवाकर किसान धरने पर बैठे हैं। अब कमिश्नर ने अक्टूबर तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। किसानों के धरने के बीच आधे से अधिक हिस्से पर पुनः काम शुरू हो गया ह है।
प्रशासन का दावा है कि बाधा डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। इस चरण के पूरा होने यह एक्सप्रेसवे मेरठ- बुलंदशहर हाईवे से जुड़ जाएगा। इसके बाद दिल्ली से प्रयागराज तक सफर आसान हो जाएगा। दिल्ली के वाहन चालक मेरठ शहर में आए बिना सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे। उत्तराखंड के पौड़ी व बिजनौर की तरफ से आने वाले वाहन भी मेरठ में आए बिना सीधे दिल्ली जा सकेंगे। उधर, श्दैनिक जागरणश् इसकी पड़ताल करके काम की स्थिति देखेगा। समय-समय पर कार्य प्रगति की तुलना भी करेगा। यह है काम की स्थिति चार लेन का यह कनेक्टर हापुड़ हाईवे पर लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड के नजदीक से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण (डासना परतापुर खंड) जैनुद्दीनपुर में जुड़ेगा । लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड यानी शकरपुर के पास इंटरचेंज बनना है। इसके लिए अभी ढांचा तैयार नहीं है। रैंप के लिए मिट्टी भराव नहीं हुआ है। दूसरा इंटरचेंज तलहटा – जैनुद्दीनपुर में बनना है। यह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण से जोड़ेगा। इस इंटरचेंज के लिए अंडरपास है, पुल पर गर्डर रखे जा चुके हैं। अंडरपास व पुल को जोड़ने के लिए मिट्टी भराव व डामर कार्य बाकी है। यहां रैंप का कार्य भी अधूरा है। इसी पुल के नीचे किसान धरने पर बैठे हैं। बहरहाल, अब काम फिर से शुरू हुआ है। श्दैनिक जागरणश् की पड़ताल में सामने आया कि हापुड़ रोड के इंटरचेंज के लिए श्रमिक व मशीनें फिर से दिखाई देने लगी हैं। कई स्थानों पर मिट्टी भराव का काम भी शुरू हो गया है। खरखौदा रोड वाले उतार-चढ़ाव स्थल पर भी काम शुरू हुआ है। चुड़ियाला के पास हाईटेंशन लाइन के तार नीचे तक लटक रहे हैं, जिससे खतरा बना है। इसके कारण वहां पर मिट्टी भराव नहीं हुआ है। तलहटा व जैनुद्दीनपुर की तरफ कोई भी काम शुरू नहीं हुआ है।
गाजियाबाद डीएम से वार्ता के लिए 24 को पहुंचेंगे राकेश टिकैत
भाकियू की अगुवाई में तलहटा समेत कई गांवों के लोग धरने पर बैठे हैं। यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने बताया कि जिला प्रशासन से वार्ता के बाद तय हुआ है कि टोल प्लाजा तक काम कर सकेंगे, उसके आगे काम नहीं होगा। किसान धरने पर बैठे हैं। तलहटा – जैनुद्दीनपुर में उतार- चढ़ाव के बिना समझौता नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि किसानों की समस्या को देखते भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत 24 मई को गाजियाबाद डीएम से मिलेंगे।
शास्त्रीनगर और गंगानगर वाले दिल्ली जाने के लिए इस मार्ग को चुनेंगे
पांचवां चरण बन जाता है तो आधे मेरठ को इसका लाभ मिलेगा। शास्त्रीनगर, मेडिकल, गंगानगर, डिफेंस कालोनी, मवाना के वाहन चालक दिल्ली जाने के लिए इसका चयन करेंगे। मवाना, परीक्षितगढ़, नजीबाबाद व बिजनौर जाने में भी आसानी हो जाएगी। पौड़ी की तरफ के वाहनों का दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। बिजली बंबा बाईपास पर जाम भी घटेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
तलहटा जैनुद्दीनपुर गांव में निर्माणाधीन इंटरचेंज पर आसपास के गांवों के लिए उतार-चढ़ाव का रैंप बनाया जाए। जिस तरह से चुहियाला में खरखौदा- मोहिउद्दीनपुर मार्ग पर बनाया जा रहा है।
सभी किसानों को समान मुआवजा दिया जाए। खेत तक जाने के लिए सर्विस रोड बनाई जाए। जिन खेतों से मिट्टी ली गई है, उन किसानों को उसका भुगतान किया जाए।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे परियोजना निदेशक अरविंद कुमार का कहना है कि जुलाई तक कार्य पूर्ण करने का प्रयास करेंगे। जिला प्रशासन के सहयोग से काम शुरू हो गया है।
गाजियाबाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि मांदड़ डीएमई पर रुके हुए कार्य को लेकर एनएचएआइ के अधिकारियों से वार्ता हुई है। ठेकेदार अब काम करने के लिए आ गए हैं। कोई निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न करेगा तो स्थानीय पुलिस- प्रशासन कार्रवाई करेगा।
कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी के अनुसार अक्टूबर तक काम पूर्ण कराकर इसका शुभारंभ कराया जाएगा। सभी अवरोधों का समाधान निकाला गया है।

