नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ में 600 से अधिक जिंदगियां समाप्त हो गई. तिब्बत में ग्लेशियर टूटने की वजह से ये बाढ़ आई थी. नेपाल के रसुवा जिले में आई इस तबाही के मंजर के बीच एक चमत्कार भी सामने आया है. शुक्रवार को बचावकर्मियों ने मलबे के नीचे दबी एक 6 साल की बच्ची को जिंदा पाया. इस घटना ने उन लोगों को संबल प्रदान किया है, जिनके अपने लापता हैं और रेस्क्यू टीम ढूंढने में लगी है.
दरअसल, 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में 650 लोगों की जान चली गई. मृतकों में सबसे अधिक पर्यटक और कैलाश मानसवोर की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु शामिल थे. भारत समेत दुनिया के कम से कम 20 देशों के नागरिकों के इस आपदा में लापता होने की जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी भी सैकड़ों की संख्या में लोग लापता हैं. टुमुरे में फंसी इस बच्ची को उपचार के लिए काठमांडू लाया गया है.
6 साल की बच्ची जिंदा मिली
आर्म्ड पुलिस फोर्स की एक टीम भोटे कोशी की बाढ़ में फंसे लोगों की तलाश कर रही थी, इसी दौरान उन्हें मलबे के भीतर से रोने की आवाज सुनाई दी. जिसके बाद जवानों ने मलबा हटाया और बच्ची को वहां से घायल अवस्था में निकाला गया.
6 साल की इस बच्ची को टिमुरे में आर्म्ड फोर्स की बॉर्डर आउटपोस्ट ले जाया गया, जहां पर उसकी नाजुक बताई गई। इसके बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को उसे काठमांडू भेजने की कोशिश की, लेकिन खराब मौसम के कारण उसको नहीं भेजा जा सका. हालांकि, शनिवार दोपहर में उसे हवाई मार्ग के जरिए नेपाल की राजधानी ले जाया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा है.

