Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु हिमाचल में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के वेतन में कटौती अच्छा कदम है
    • एक अप्रैल से बदलेगा इनकम टैक्स सिस्टम, 64 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा नया कानून
    • योगी कैबिनेट ने कई बड़े फैसलों पर लगाई मुहर,160 रुपए कुंतल बढ़ा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य; 58 नगर पालिका बनेंगी स्मार्ट सिटी
    • डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 41 पैसे टूटकर 93.94 पर पहुंचा
    • गोरक्षा, गो-आश्रय आत्मनिर्भरता में योगदान देने वाली विभूतियों को किया जाएगा सम्मानित
    • छुट्टी की बजाय साहब ने दी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
    • जेलों में कैदियों की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी
    • कितने पढ़े लिखे हैं होगा सर्वे सुविधाएं देने हेतु, अधिकारों की प्राप्ति हेतु अनपढ़ और कम पढ़े लिखे को होना होगा एकजुट
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»न्यूज़»35 विवाहित जोड़ों को कागजों में दोबारा शादी कराकर योजना का लाभ दिला दिया
    न्यूज़

    35 विवाहित जोड़ों को कागजों में दोबारा शादी कराकर योजना का लाभ दिला दिया

    adminBy adminFebruary 6, 2026No Comments3 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मुरादाबाद, 06 फरवरी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, जिसे गरीब बेटियों की मदद का माध्यम बताया जाता है, कुंदरकी में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का बड़ा अड्डा बन गई। जांच में पर्दाफाश हुआ है कि यहां सरकारी धन को खुलेआम लूटा गया और जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे रहे। 35 पहले से विवाहित जोड़ों को दोबारा कागजों में शादी कराकर योजना का लाभ दिला दिया गया।
    कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की शिकायत पर गठित 30 अधिकारियों की टीमों ने जब जांच की, तो पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। जांच रिपोर्ट मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी को सौंपी गई, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और विभागीय लापरवाही की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि 35 जोड़ों का विवाह केवल फाइलों में दिखाया गया।
    मौके पर न मंडप था, न फेरे। नौ जोड़ों की शादी स्थल पर हुई ही नहीं, लेकिन उन्हें लाभार्थी बनाकर लाखों रुपये की राशि हजम कर ली गई। जांच के दौरान गजीपुर गांव में जब एक अधिकारी ने संदेह होने पर पायल और बिछुए रगड़वाए, तो अंदर से पीली धातु निकली। यानी चांदी के नाम पर नकली जेवर बांटे गए। वहीं, पांच लीटर के कुकर की जगह तीन लीटर के सस्ते और घटिया कुकर थमा दिए गए।
    योजना के नाम पर गरीब बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया गया और ठेकेदार व अधिकारियों ने मिलकर सरकारी खजाने पर डाका डाल लिया। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को कुंदरकी को छोड़कर जिले के अन्य छह ब्लाकों में 10 प्रतिशत जोड़ों का सत्यापन कराया गया। वहां भी तीन जोड़े अपात्र पाए गए।
    इससे साफ हो गया कि यह खेल सिर्फ कुंदरकी तक सीमित नहीं है। पहले गठित दो सदस्यीय जांच समिति 808 जोड़ों का पूरा सत्यापन नहीं कर सकी। इसके बाद 30 अफसरों की टीम बनाकर घर-घर जांच कराई गई, जिसमें पंचायत सचिवों और विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनिमितताएं सामने आई हैं। मामले में दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
    जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन ने माना है कि वेंडर ने पूरा सामान नहीं दिया। नियमानुसार कटौती होगी और अपात्र लाभार्थियों से रिकवरी की जाएगी। जिन जोड़ों को सामान नहीं मिला, उन्हें दिलाया जाएगा। उधर, शासन की तीन सदस्यीय टीम भी मुरादाबाद पहुंच चुकी है। अब शासन स्तर से अलग जांच होगी, जिसके बाद दोषी अफसरों, सहायक विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
    बुधवार को जिला विकास अधिकारी ने मामले की जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में 35 ऐसे जोड़े मिले हैं, जो अपात्र हैं, इनमें अधिकतर ऐसे हैं, जिनकी शादियां पहले ही हो चुकी थीं। टारगेट पूरा दिखाने के लिए गोलमाल किया गया है। नौ जोड़े ऐसे मिले, जो समारोह में आए तो थे लेकिन विवाह वेदी पर नहीं बैठे। 34 ऐसे जोड़े मिले, जिनको कोई उपहार नहीं दिया गया।
    कुछ को कर्मचारियों ने बाद में उपहार देने की बात कही, जो अब तक नहीं दिया। 50 दुल्हनों को चांदी के आभूषण दिए ही नहीं, न पायल दी और न ही बिछुआ। इसके अलावा 139 ऐसे जोड़े मिले, जिन्हें समारोह में गद्दे नहीं दिए गए, जबकि 37 जोड़े बिना डिनर सेट के ही घरों को लौट गए। इसके अलावा भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
    शासन की टीम भी आएगी जांच करने
    समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण की ओर से गठित की गई तीन सदस्यीय टीम भी जिले में पहुंचने वाली है, जिसकी आहट से सामूहिक विवाह समारोह से जुड़े अधिकारियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इसमें पहली बड़ी अनियमितता तो यही है कि दो समारोह में 200 की बजाय 1636 जोड़े बैठा दिए। इसके अलावा जब टीम मौके पर जाकर जांच करेगी तो योजना के धन का दुरुपयोग भी बड़े स्तर पर सामने आने की संभावना है, जिसकी आंच बड़े अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है।

    35 married couples were made to remarry on paper to enable them to benefit from the scheme. Fraud Muradabad News tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु हिमाचल में जनप्रतिनिधियों और अफसरों के वेतन में कटौती अच्छा कदम है

    March 23, 2026

    एक अप्रैल से बदलेगा इनकम टैक्स सिस्टम, 64 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा नया कानून

    March 23, 2026

    योगी कैबिनेट ने कई बड़े फैसलों पर लगाई मुहर,160 रुपए कुंतल बढ़ा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य; 58 नगर पालिका बनेंगी स्मार्ट सिटी

    March 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.