कोलकाता, 22 मई (ता)। बंगाल में अब सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य के मदरसा शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किया है।
अल्पसंख्यक कार्य एवं मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि बंगाल में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां संथाली भाषा में पढ़ाई होती है। जब उन स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य है तो मदरसों में इसे लागू करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश 19 मई को जारी किया गया। जानकारी गत दिवस सामने आई।
सरकार के आदेश के अनुसार, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और कवि गुलाम मुस्तफा की श्अनंत असीम प्रेममय तुमीश् (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। यह आदेश 19 मई को जारी किया गया। जानकारी गत दिवस सामने आई। सरकार के आदेश के अनुसार, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा। नए आदेश के बाद अब क्लास शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली) में वंदे मातरम गाना जरूरी होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान श्जन गण मनश् और कवि गुलाम मुस्तफा की श्अनंत असीम प्रेममय तुमीश् (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
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