Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बांके बिहारी के दर्शन को लेकर विवाद, कमेटी ने गर्भ गृह पर जड़ा ताला
    • अंक नम्बरों में बढ़ोत्तरी और अच्छे परीक्षाफल की लालसा बच्चों को कहा ले जा रही है
    • गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए महिला ग्राम प्रधान का सराहनीय प्रयास
    • किन्नर की हत्या करने के बाद आरोपी युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
    • क्रिकेट मैच में मधुमक्खियों का हमला, अंपायर की मौत
    • जसपुर-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग घोटाले ईडी ने 13.89 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
    • दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार होने से ग्रेप-दो हटाया गया
    • 60 साल का इंतजार खत्म, कटड़ा में शंकराचार्य मंदिर का निर्माण शुरू
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सज्जन कुमार बरी, पीड़ित परिवार जाएंगे हाईकोर्ट
    देश

    1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सज्जन कुमार बरी, पीड़ित परिवार जाएंगे हाईकोर्ट

    adminBy adminJanuary 22, 2026No Comments5 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली 22 जनवरी। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। हालांकि, सज्जन कुमार जेल में ही रहेंगे क्योंकि वो 1984 दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इस हिंसा मामले मे दो लोगों की मौत हुई थी। आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष हैं, और कभी इसमें शामिल नहीं थे। सज्जन कुमार ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं है।
    स्पेशल जज डिग विनय सिंह ने मौखिक रूप से बरी करने का फैसला सुनाया, जबकि विस्तृत तर्कपूर्ण आदेश अभी जारी किया जाना बाकी है.

    वहीं, न्याय के लिए लड़ रहे पीड़ित परिवार के सदस्य फैसला सुनकर रो पड़े। उन्होंने कहा, हमें न्याय क्यों नहीं मिल रहा है? कोर्ट ने उसे बरी क्यों कर दिया? हमारे 10 से 11 लोग मारे गए थे।कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार में भारी निराशा है और वह इससे संतुष्ठ नहीं है. पीड़ितों का कहना है उन्हें इंसाफ नहीं मिला है, वह इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे.
    गुस्सा और दुख जाहिर करते हुए, एक पीड़ित के रिश्तेदारों ने कहा कि सज्जन कुमार को फांसी होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “हम पिछले 40 सालों से लड़ रहे हैं. हम रुकेंगे नहीं, हम हाई कोर्ट जाएंगे,” उन्होंने इस झटके के बावजूद इंसाफ पाने के अपने इरादे को दोहराया.

    पूर्व सांसद सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने कहा, “कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है क्योंकि विकासपुरी और जनकपुरी मामलों में उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका. हमने कोर्ट को बताया था कि उन्हें टारगेट किया गया था, क्योंकि उनकी मौजूदगी साबित नहीं हो सकी. अब तक किसी भी गवाह ने उनका नाम नहीं लिया था, लेकिन अब 32 साल बाद ऐसा हुआ है. हम उन्हें बरी करने के लिए न्यायपालिका के शुक्रगुजार हैं.

    बताते चले कि जनकपुरी का मामला एक नवंबर, 1984 को दो सिखों, सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या से संबंधित है। दूसरा मामला विकासपुरी पुलिस स्टेशन में दो नवंबर, 1984 को गुरचरण सिंह को जलाने के मामले में दर्ज हुआ था। सात जुलाई को अपना बयान दर्ज कराते समय पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा था कि वह दंगों की जगह पर मौजूद नहीं थे और उन्हें झूठा फंसाया गया है।

    1984-anti-sikh-riots-case delhi sajjan-kumar tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    बांके बिहारी के दर्शन को लेकर विवाद, कमेटी ने गर्भ गृह पर जड़ा ताला

    February 19, 2026

    अंक नम्बरों में बढ़ोत्तरी और अच्छे परीक्षाफल की लालसा बच्चों को कहा ले जा रही है

    February 19, 2026

    गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए महिला ग्राम प्रधान का सराहनीय प्रयास

    February 19, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.