नई दिल्ली, 22 जनवरी। राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति ने एआई-संचालित डीपफेक वीडियो के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है, जो उनकी छवि और आवाज़ का गलत इस्तेमाल करके अवैध वित्तीय योजनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। उनकी सहमति के बिना बनाए गए इन भ्रामक क्लिप्स ने पहले ही अनजान व्यक्तियों को ठगा है, जिससे काफी वित्तीय नुकसान हुआ है। मूर्ति ने जनता से अत्यधिक सावधानी बरतने, ऐसी सामग्री के आधार पर निवेश निर्णय लेने से बचने और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए आधिकारिक माध्यमों से सभी जानकारी सत्यापित करने की अपील की है।
सुधा मूर्ति ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके 2-3 वीडियो एक साथ वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में डीपफेक तकनीक के जरिए यह दिखाया जा रहा है कि वह लोगों को निवेश की सलाह दे रही हैं। मूर्ति ने कहा कि इन वीडियो में मुझे यह कहते हुए दिखाया गया है कि आप 200 डॉलर या 20,000 रुपये का निवेश करें और आपको इससे कई गुना या शायद दस गुना अधिक रिटर्न मिलेगा। यह पूरी तरह से फर्जी खबर है।
सुधा मूर्ति, जो मूर्ति ट्रस्ट की चेयरपर्सन भी हैं, ने अपनी छवि के दुरुपयोग पर दुख जताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक नियम के तौर पर, मैं कभी भी निवेश या पैसों से जुड़ी किसी गतिविधि पर बात नहीं करती हूं। मैं हमेशा काम, भारत की संस्कृति, महिलाओं और शिक्षा के बारे में बात करती हूं। मैं कभी भी पैसे निवेश करने और उससे रिटर्न पाने की बात नहीं करती।
अपनी चेतावनी में सुधा मूर्ति ने खुलासा किया कि उनके कई जानने वाले लोग इन फर्जी वीडियो के जाल में फंसकर अपना पैसा गंवा चुके हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर दर्शकों से विनती की कि उनके नाम पर होने वाले किसी भी वित्तीय लेनदेन पर विश्वास न करें।
उन्होंने बताया कि लालच के कारण अपनी मेहनत की कमाई मत खोइए, यह एक जाल है जिसमें वे आपको फंसाते हैं। कृपया ऐसा न करें।
सुधा मूर्ति ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर आने वाले वित्तीय लेनदेन के संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
उन्होंने आग्रह किया कि किसी भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले आधिकारिक चौनलों के माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें। यदि किसी को कोई संदेह है, तो ईमेल भेजें, बैंक में जाकर पूछताछ करें या पुलिस स्टेशन में संपर्क करें, लेकिन केवल वीडियो देखकर निवेश न करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के बढ़ते दौर में प्रतिष्ठित हस्तियों के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में सुधा मूर्ति की यह अपील उन लाखों फॉलोअर्स के लिए महत्वपूर्ण है जो उनकी विश्वसनीयता के कारण इन फर्जी स्कीमों का शिकार हो सकते थे।
उन्होंने जनता को निर्णय लेने से पहले, ईमेल, बैंक परामर्श, या पुलिस रिपोर्ट जैसे आधिकारिक माध्यमों से किसी भी निवेश-संबंधित जानकारी को सत्यापित करने की सलाह दी। कुछ लालच के लिए अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं, जिसमें वे आपको जाल में फंसाकर अंदर खींच लेते हैं, मूर्ति ने सावधानी बरतते हुए कहा कि और ऐसे डिजिटल धोखे का शिकार होने से बचने के लिए सतर्क बचत और समझदार निवेश प्रथाओं की वकालत की।
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