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दिनांक: 19 अक्टूबर 2026 - विश्व शांति महायज्ञ में दी आहुतियां, आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने दिया धर्म, दान और समर्पण का संदेश; कैबिनेट मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जैन धर्म के ‘जियो और जीने दो’ सिद्धांत को बताया विश्व शांति का आधार ।
कमलानगर, मेरठ। कमलानगर दिगम्बर जैन मंदिर में आयोजित वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं स्वर्ण जयंती समारोह का समापन धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों और विशाल रथ यात्रा के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। समारोह के अंतिम दिन भगवान नमीनाथ जी से लेकर भगवान महावीर स्वामी तक अर्घ्य समर्पित किए गए। इसके साथ ही विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व शांति एवं जनकल्याण की कामना की।
आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने दिया आध्यात्मिक संदेश
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान जिस वृक्ष के नीचे तपस्या करते हैं, वह कल्पवृक्ष बन जाता है। उन्होंने दान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दान देने के लिए समर्थवान होने के साथ श्रद्धा और समर्पण का भाव भी आवश्यक है।
इस अवसर पर भगवान शीतलनाथ जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया गया तथा निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल का किया गया सम्मान
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल उपस्थित रहे। प्रेमचन्द जैन चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं प्रमुख उद्योगपति तथा अजंता ग्रुप के चेयरमैन श्री राकेश जैन, लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री मुकेश जैन और अजंता परिवार के सदस्यों ने अंगवस्त्र भेंट कर एवं तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर भाजपा मुजफ्फरनगर के जिला उपाध्यक्ष श्री विशाल गर्ग भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में श्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि जैन धर्म का ‘जियो और जीने दो’ सिद्धांत पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के अनेक देशों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे दौर में अहिंसा, सह-अस्तित्व और परस्पर सम्मान का संदेश देने वाला जैन धर्म का यह सिद्धांत विश्व शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
17 बग्गियों के साथ निकली विशाल रथ यात्रा
दोपहर में भव्य रथ यात्रा एवं शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में 17 बग्गियों में इन्द्रों के परिवार विराजमान थे। शोभायात्रा में एक अश्व रथ तथा दूसरे गज रथ पर भगवान विराजमान थे। मुख्य रथ पर प्रेमचन्द जैन मंदिर के पुण्यार्जक परिवार ने स्थान ग्रहण किया।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु मधुर धार्मिक गीतों पर नृत्य करते हुए आगे बढ़े। पूरे मार्ग में भक्ति, उत्साह और धार्मिक उल्लास का वातावरण दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
रथ यात्रा के कमलानगर दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचने पर इसका समापन हुआ। इसके बाद नवीन वेदी पर जिन बिम्ब की स्थापना की गई। यह धार्मिक अनुष्ठान समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा।
अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अजंता भारत ग्रुप के चेयरमैन श्री उत्कर्ष जैन, एमडी श्री चिन्मय जैन, लोकदल नेता श्री प्रतीक जैन, श्री वीरेन्द्र, श्री विपिन, श्री आलोक, श्री ऋषभ, श्री अजय, श्री संजय कलश, श्री संजीव (पेट्रोल पम्प) तथा श्री अभिनव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
धार्मिक अनुष्ठानों, आध्यात्मिक प्रवचनों और विशाल रथ यात्रा के साथ संपन्न हुए इस समारोह ने श्रद्धालुओं को धर्म, अहिंसा, दान और विश्व शांति का संदेश दिया।
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