पटना 09 फरवरी। पटना सिविल कोर्ट में एक बार फिर बम धमकी से हड़कंप मच गया। सोमवार सुबह जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर भेजे गए एक संदेश में कोर्ट परिसर में आरडीएक्स और आईईडी विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया। ईमेल मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया।
धमकी की सूचना मिलते ही पूरे सिविल कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। न्यायिक कार्य से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और वादकारी सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। कोर्ट परिसर के मुख्य द्वारों को सील कर आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
सूचना के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। कोर्ट परिसर के अलग-अलग हिस्सों में गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया। डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल कोर्ट पटना और जिला बार एसोसिएशन को भेजे गए मेल में लिखा गया था कि जज के चैंबर और वॉशरूम में 4 आरडीएक्स रखे गए हैं, जिन्हें रिमोट के जरिए ब्लास्ट किया जाएगा। इस संदेश के मिलते ही वकीलों और जजों में अफरा-तफरी मच गई। सभी अपने-अपने चैंबरों से बाहर निकल आए। वकीलों के साथ उनके क्लाइंट भी परिसर से बाहर निकल गए।
धमकी मिलने के तुरंत बाद पीरबहोर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति, कैदी या गवाह को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पटना पुलिस ने डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। राहत की बात यह है कि गहन छानबीन के बावजूद अब तक परिसर में किसी भी तरह के विस्फोटक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल साइबर सेल ईमेल की तकनीकी जांच में जुटी है। भेजने वाले की पहचान, लोकेशन और मंशा का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

