Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई
    • डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे
    • पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक
    • भारत का देसी एआई 22 भाषाओं में बोलेगा, इसी महीने आएगा टेक्स्ट वर्जन
    • करीना कपूर एलओसी कारगिल फिल्म के सीन को याद कर भावुक हुईं
    • प्रयागराज के IVF सेंटर पर सौदा, नाबालिग को शादीशुदा बताकर एग्स निकलवाने वाली 4 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार
    • पेराई क्षमता बढ़ी बागपत चीनी मिल की
    • बीड़ी के धुएं ने रोक दी मथुरा में ट्रेन
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»15 दिन से गले में फंसी थी जिंदा जोंक, आईजीएमसी में चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन कर निकाली
    देश

    15 दिन से गले में फंसी थी जिंदा जोंक, आईजीएमसी में चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन कर निकाली

    adminBy adminFebruary 2, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    शिमला, 02 फरवरी। आइजीएमसी अस्पताल शिमला के डॉक्टरों ने गले में घूम रही जोंक से परेशान व्यक्ति को 20 मिनट में राहत दे दी। 15 दिन से व्यक्ति की सांस की नली के पास फंसी हुई जोंक को आईजीएमसी के डाक्टरों ने जिंदा निकाल लिया। परेशान मरीज पहले एमएमयू सोलन में उपचार के लिए गया था। डाक्टरों की टीम को डायरेक्ट लैरिंगोस्कोपी के दौरान व्यक्ति के गले में एक हिलती-डुलती वस्तु दिखी। इसके बाद एमएमयू सोलन से मरीज को आइजीएमसी शिमला रेफर किया गया। आइजीएमसी के आपातकालीन विभाग में मरीज का इलाज किया गया। पहले मरीज को ईएनटी विभाग के डाक्टरों ने देखा था।
    हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी शिमला के डॉक्टरों ने एक बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामले में चिकित्सकीय कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र के एक 55 वर्षीय व्यक्ति के गले में पिछले 15 दिनों से जिंदा जोंक फंसी हुई थी, जिससे उसकी आवाज बदल गई थी और उसे लगातार ऐसा महसूस हो रहा था कि गले में कुछ अटका हुआ है। समय पर इलाज न मिलता तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती थी।
    पीड़ित मरीज सुरेश दत्त (निवासी गांव कंगर-धारयार, पच्छाद) को करीब दो सप्ताह से बोलने में परेशानी और गले में अजीब सी हलचल महसूस हो रही थी। शुरुआती उपचार के लिए वह एमएमयू सोलन पहुंचे, जहां जांच के दौरान डायरेक्ट लैरिंगोस्कोपी में डॉक्टरों ने गले के भीतर एक काली रंग की हिलती-डुलती वस्तु देखी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसे तुरंत आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया।
    आईजीएमसी पहुंचने पर मरीज को ईएनटी विभाग में भर्ती किया गया। विस्तृत जांच में सामने आया कि जोंक गले में सांस की नली के बेहद नजदीक चिपकी हुई थी। यह स्थिति बेहद जोखिमभरी थी, क्योंकि जोंक को पकड़ने या काटने की कोशिश में उसका कोई हिस्सा अंदर रह जाने या फिसलकर और नीचे चले जाने का खतरा था। डॉक्टरों ने पूरी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ आपातकालीन फॉरेन बॉडी रिमूवल प्रक्रिया को अंजाम दिया। अंततः सक्शन तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मरीज के गले से जिंदा जोंक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पूरी प्रक्रिया करीब 20 मिनट में सफलतापूर्वक पूरी की गई।
    इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व ईएनटी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. डिंपल के. भगलानी ने किया। उनकी टीम में सीनियर रेजिडेंट डॉ. राघव निरुला, जूनियर रेजिडेंट डॉ. मयूर बग्गा, डॉ. निशांत और डॉ. कुमार सौरव शामिल रहे। तकनीकी सहयोग सुभाष बाली और अर्चना ने दिया। डॉक्टरों के अनुसार यदि जोंक और अधिक समय तक अंदर रहती तो मरीज को गंभीर संक्रमण या सांस लेने में जानलेवा दिक्कत हो सकती थी।
    मरीज की हालत अब स्थिर बताई जा रही है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वजनों के अनुसार, संभवतः यह जोंक उस समय गले में चली गई जब मरीज ने गांव के पास किसी प्राकृतिक जल स्रोत या नाले का पानी पिया होगा। डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि बिना उबाले या फिल्टर किए पानी का सेवन न करें।
    डॉक्टरों की सलाह
    चिकित्सकों ने सलाह दी कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक गले में कुछ फंसे होने का एहसास, आवाज में बदलाव या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं। समय रहते इलाज मिलने से ऐसे दुर्लभ लेकिन खतरनाक मामलों में जान बचाई जा सकती है।

    A live leech had been stuck in a woman's throat for 15 days Desh health shimla Strange and wonderful tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    अंडर-19 विश्वकप जीतने के लिए वैभव सूर्यवंशी और टीम को बधाई

    February 7, 2026

    डिजिटल ठगी में 25 हजार का मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा भी नहीं, रिजर्व बैंक के अफसर मुंह बंद करने की बजाय ठोस उपाय ढूंढे

    February 7, 2026

    पीएम मोदी के गुरुमंत्र को आत्मसात करें छात्र, अंकों के पीछे ना भागकर खुद को जीवन की कसौटी पर कसें अभिभावक

    February 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.