लखनऊ 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने आज यानी बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया. वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट सरकार 2.0 के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, क्योंकि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव प्रस्तावित है। पंचायती राज की योजनाओं के लिए लगभग 32 हजार करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। सुरेश खन्ना ने कहा कि इस वित्त वर्ष के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट होगा. उन्होंने कहा कि यूपी में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है. बेरोजगारी की दर 2.24 प्रतिशत रह गई है.
इस बजट में योगी सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे के विकास पर फोकस रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, रोजगार सृजन, युवाओं के कौशल विकास, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने और किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन पर है।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 9 लाख से अधिक युवाओं को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। 5 लाख से ज्यादा युवाओं को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी मिली हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल के लिए ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना और AI मिशन की स्थापना होगी।
सुरेश खन्ना ने कहा कि अब लड़कियों की शादी के लिए सरकार की तरफ से मिलने वाशी राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री मातृ सुरक्षा संकल्प योजना अधिक सघनता से लागू होगा। पीपीडी मोड में कौशल संवर्द्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे।
सुरेश खन्ना ने कहा, ‘यूपी देश में खेती का एक बड़ा प्रोड्यूसर है। राज्य गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और पुदीना प्रोडक्शन में देश भर में सबसे ज्यादा योगदान देता है। हमारी सरकार ग्रीन और क्लीन एनर्जी सोर्स के डेवलपमेंट पर काम कर रही है। अब तक राज्य में कुल 2815 MW सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत लगभग 62 किसानों को फायदा पहुंचा है। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है।’ फसल बीमा के तहत किसानों को 51 लाख करोड़ की क्षतिपूर्ति की गई।
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गई. हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है. प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मिशन रोजगार के अंतर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुए अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है. वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया.
योगी सरकार के बजट में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिये 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है. जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिये लगभग 5,041 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पाँच गुने से अधिक है. वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है. प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पी0एम0मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है. हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिये अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये 4,423 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के लिए 14997 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित हैं. वर्तमान में राज्य में 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा और 36 निजी क्षेत्रों द्वारा संचालित हैं. कैंसर संस्थान लखनऊ के लिए 315 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
यूपी का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रुपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये तथा सड़कों के निर्माण/चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
वित्त मंत्री ने कहा कि नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान करने के लक्ष्य के सापेक्ष 2.43 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है. वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं. अब तक 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन है.

