अयोध्या 29 जनवरी। रामनगरी में जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिला जेल में बंद दो कैदी फरार दीवार तोड़कर हो गए हैं. घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. फरार कैदियों की पहचान गोलू उर्फ सूरज अग्रहरी निवासी अमेठी और शेर अली निवासी सुल्तानपुर के रूप में हुई है. डीआईजी जेल एस.के. मैत्रीये मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है. वहीं, गंभीर लापरवाही पर जेल अधीक्षक सहित 7 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
डीआईजी जेल के मुताबिक, गोलू अग्रहरि हत्या के प्रयास और शेर अली बलात्कार के आरोप में स्पेशल सेल नंबर एक की चार नंबर कोठरी (तन्हाई बैरक) में दोनों कैदी बंद थे. गुरुवार की सुबह 6 बजे जब कैदियों की गिनती हुई तो दोनों कैदी गायब मिले. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कोठरी की पीछे दीवार पर लगे जंगले से 25-30 ईंटें निकालकर बाहर आए. इसके बाद कंबल और मफलर को जोड़कर रस्सी बनाई और उसी के सहारी जेल की बाउंड्री वॉल को कूद कर फरार हो गए.
कैदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई. तुरंत पुलिस और जेल प्रशासन की कई टीमें गठित की गईं और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. जिले की सीमाओं पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है.
मौके पर पहुंचे डीआईजी जेल एस.के. मैत्रीये ने बताया कि जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही की वजह से कैदी फरार हुए हैं. जांच की जा रही है, जिनकी लापरवाही सामने आएगी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जेल की सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और लापरवाही के बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है. फरार कैदियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ तलाश की जा रही है. जिसको लेकर कई टीमें गठित की गई हैं. फिलहाल जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा.
वहीं, दूसरी ओर इस घटना के बाद डीजी जेल पीसी माणी ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेड जेल वॉर्डर और तीन वार्डर को सस्पेंड कर दिया है. इस घटना के बाद जिलाधिकारी, एसएसपी समेत अन्य अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे है.

