लखनऊ 27 जनवरी। दुबग्गा में एसआर ट्रेडर्स पर बमबाजी कर सनसनी फैलाने वाले गैंग के 5 सदस्यों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. स्वाट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने खुलासा किया कि आरोपियों ने 10 लाख की रंगदारी के लिए दहशत फैलाई थी.
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि पकड़े गए बदमाशों के पास से 3 देशी बम बरामद हुए हैं, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है. आरोपियों को जेल भेज दिया है.
16 जनवरी 2026 को दुबग्गा के ग्राम सिकरौरी स्थित एसआर ट्रेडर्स बिल्डिंग पर बाइक सवार बदमाशों ने बम फेंका था. जांच में पता चला कि इस गिरोह ने 11 जनवरी को मलिहाबाद में एक व्यक्ति से मोबाइल लूटा और उसी फोन से व्यापारी को कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी. जब व्यापारी ने रुपये नहीं दिए, तो दहशत फैलाने के उद्देश्य से उन पर बम से हमला कर दिया.
वारदात का खुलासा करते हुए डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था. यह राहगीरों से मोबाइल लूटते थे और उसी लूटे हुए मोबाइल और सिम का उपयोग रंगदारी मांगने के लिए करते थे, ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके. रंगदारी न मिलने पर इन्होंने 22 जनवरी 2026 को काकोरी में एक महिला से फिर मोबाइल लूटा और फिर व्यापारी को जान से मारने की धमकी दी थी.
डीसीपी पश्चिम ने कहा कि 26 जनवरी 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शेखपुरवा मोड़ से 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. यह लोग 3 देशी बम लेकर एक वारदात को अंजाम देने जा रहे थे.
गिरफ्तार बदमाशों की शिनाख्त इंद्रेश कुमार सिंह गैंग सरगना, ज्ञानेन्द्र कुमार, राज उर्फ राजा, मोनू और अंकित कुमार के रूप में हुई है. गिरोह का एक सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है.

