Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • गंगा एक्सप्रेस-वे अब यूपी और उत्तराखंड दोनों चुनावी राज्यों को जोड़ेगा
    • 35 साल पहले कश्मीरी पंडितों के महिलाओं-बच्चों समेत 23 का हुआ था नरसंहार, फिर जांच शुरू
    • भारतीय फैशन का चीन में जलवा
    • शाहनवाज राना के ठिकानों पर छापा, दो करोड़ नकद बरामद
    • कृति सेनन के रक्षाबंधन ऐड पर मचा घमासान
    • टॉक्सिक के बाद इन फिल्मों में नजर आएंगी हुमा कुरैशी
    • बेरोजगारी दर 40 वर्षों में सबसे अधिक : प्रियंका गांधी
    • आटा, मैदा और सूजी के निर्यात पर लगी पाबंदियां हटीं
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»35 साल पहले कश्मीरी पंडितों के महिलाओं-बच्चों समेत 23 का हुआ था नरसंहार, फिर जांच शुरू
    देश

    35 साल पहले कश्मीरी पंडितों के महिलाओं-बच्चों समेत 23 का हुआ था नरसंहार, फिर जांच शुरू

    adminBy adminAugust 25, 2026No Comments1 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    श्रीनगर, 25 अगस्त (ता)। 25 जनवरी 1998 की रात गांदरबल के वंधामा गांव में आतंकियों ने 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या की दी थी। जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 35 साल पुराने वधामा नरसंहार की जांच दोबारा शुरू कर दी है । 1998 में गांदरबल के वंधामा गांव में 9 महिलाओं और 4 बच्चों समेत 23 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा रकअ ने कश्मीरी पंडितों की हत्या दशकों पुराने कई मामलों की दोबारा जांच शुरू कर दी है। इनमें नेता टीका लाल, जस्टिस नीलकंठ और नर्स सरला भट मर्डर केस भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, रक्अ इन मामलों में शामिल आतंकियों, ओवरग्राउंड वर्कर्स और उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है। कश्मीर घाटी में कई जगह छापे भी मारे जा रहे हैं। 25 जनवरी 1998 की रात गांदरबल के वंधामा गांव में हथियारबंद आतंकियों ने कश्मीरी पंडित परिवारों के घरों में घुसकर 23 लोगों की हत्या कर दी थी। हमलावरों ने परिवारों के लोगों को एक जगह इकट्ठा कर गोलियां चलाई थीं। यह हमला गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले हुआ था। उस दिन शब-ए- कद्र की रात भी थी। लंबे समय तक किसी आरोपी को सजा नहीं मिली। 13 सितंबर 1989 को श्रीनगर में कश्मीरी पंडित नेता और वकील टीका लाल टपलू की घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। टपलू उस समय जम्मू-कश्मीर बीजेपी के उपाध्यक्ष और घाटी में कश्मीरी पंडितों के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल थे। 4 नवंबर 1989 को श्रीनगर की हरि सिंह स्ट्रीट इलाके में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व जज नीलकंठ गंजू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गंजू ने खडछऋके आतंकी मकबूल भट को मौत की सजा सुनाई थी। भट को बाद में 11 फरवरी 1984 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई। गंजू की हत्या में जेकेएलएफ का बड़ा रोल था।

    Desh Investigation resumes into the massacre of 23 Kashmiri Pandits—including women and children—that took place 35 years ago. Shrinagar tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    गंगा एक्सप्रेस-वे अब यूपी और उत्तराखंड दोनों चुनावी राज्यों को जोड़ेगा

    August 25, 2026

    भारतीय फैशन का चीन में जलवा

    August 25, 2026

    शाहनवाज राना के ठिकानों पर छापा, दो करोड़ नकद बरामद

    August 25, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.