नई दिल्ली। बुधवार, 12 अगस्त 2026 का दिन दुनिया भर के खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास होने जा रहा है। इस दिन एक साथ कई दुर्लभ खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। सुबह-सुबह छह ग्रह बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक ही कतार में नजर आएंगे, वहीं, दिन में पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा दिखेगा।
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को श्रावण अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या के दिन लगने वाला है। ये एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है। ऐसे में सूतक काल मान्य नहीं होगा। ज्योतिषचार्यों के अनुसार ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा लेकिन इसका असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिल सकता है। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 9:04 से शुरू होगा और फिर रात के 1:28 पर समाप्त होगा। ये ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में असर देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ ऐसी राशियां है जिनपर सूर्य ग्रहण का काफी कम नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण किन राशियों के लिए शुभ हो सकता है.
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा में लगने वाला है। कर्क चंद्रमा और अश्लेषा नक्षत्र बुध का है। कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अधिक और कुछ पर अपेक्षाकृत कम माना गया है। साथ ही यह भी माना जाता है कि ग्रहण हमेशा केवल नकारात्मक परिणाम ही नहीं देता, बल्कि कई बार शुभ अवसर और लाभ भी प्रदान करता है। हालांकि इस ग्रहण के समय राहु, केतु, शनि और मंगल की विशेष स्थिति के कारण सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

