मेरठ, 27 जुलाई (प्र)। खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के मेरठ, बागपत और उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की संयुक्त टीम ने छापेमारी करते हुए बड़े पैमाने पर नकली दवाइयों का जखीरा पकड़ा है। संयुक्त टीम ने मशीनरी व छह लाख कैप्सूल भी बरामद किये हैं । जिनकी कीमत कई लाख रुपये बताई जाती है। पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री के चार संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा नकली दवा व्यापार पर प्रभावी रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त टीम बनाई तथा सहायक आयुक्त (औषधि) के नेतृत्व में औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा, संतोष पटेल के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खरदौनी शेखपुर थाना इंचौली स्थित परिसर में छापेमारी की। मौके से औषधियों की पैकेजिंग में प्रयुक्त होने वाली ब्लिस्टर पैकिंग मशीन, कंप्रेसर मशीन तथा चेंज पार्टस बरामद किये गये। जांच में पता चला कि मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा रुद्रपुर उधम सिंह नगर उत्तराखंड तथा विकास चौहान और उसका सहयोगी राजेन्द्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा की आपस में सांठगांठ से हेल्थ लिमिटेड के प्रसिद्ध ब्रांड ईविओन 400 एमपी सॉफ्ट जेल कैप्सूल का लेबिल लगाकर फूड सप्लीमेंट के रूप में प्रयोग होने वाले विटामिन ई-10 एमजी की मात्रा को 400 एमजी मात्रा के कैप्सूल, जो औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है, का निर्माण कर खपाया जा रहा था। मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए औषधि निरीक्षक दल द्वारा मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा रुद्रपुर उत्तराखंड का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद औषधि निरीक्षक बागपत, औषधि निरीक्षक व खाद्य सुरक्षा अधिकारी बागपत के संयुक्त दल द्वारा निर्माता फर्म मैसर्स प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्राइवेट लिमिटेड खसरा नंबर-75 हाजीपुर विरान तहसील खेकड़ा बागपत पर तुरंत छापेमारी की गयी। जांच में पाया गया कि मैसर्स प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्रा. लि. के पास केवल फूड हेल्थ सप्लीमेंट्स व न्यूट्रास्युटिकल्स एफएसएसएआई लाइसेंस फार्म सी का लाइसेंस था। न्यूट्रिशनल प्रोफिलैक्टिक उपयोग के लिए केवल विटामिन ई 10 एमजी कैप्सूल का ही निर्माण कर सकते थे। नियमों के विपरीत निर्माता फर्म द्वारा अवैध रूप से बल्क में छह लाख बिना पैकिंग वाले विटामिन ई 10 एमजी सॉफ्ट जेल कैप्सूल मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा को बेचे गये। न्यूट्रिशनल प्रोफिलैक्टिक श्रेणी के इन कैप्सूलों को अवैध रूप से प्रोसेस व पैक कर ईविओन 400 एमजी बनाकर बाजार में औषधीय बिक्री के लिए सप्लाई किया जा रहा था। इस प्रकार लाइसेंस का भी दुरुपयोग कर नकली दवा निर्माण के लिए पूरा अन्तर्राज्यीय नेक्सस व अवैध फैक्ट्री चलाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि अवैध व नकली औषधि निर्माण कर पूरा नेक्सस चलाने के आरोप में थाना इंचौली में मुख्य आरोपी और अवैध निर्माता विकास चौहान, सहयोगी राजेन्द्र उर्फ अरुण कुंडा, मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा रुद्रपुर उत्तराखंड के रोहित कुमार तथा मैसर्स प्रेस्कॉट फार्मा जेल प्रा. लि. बागपत के डायरेक्टर व उत्तरदायी व्यक्ति अमृत पटेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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