

अपने ग्रामों में एक कहावत बड़ी प्रचलित है जो अब शहारों में भी सुनाई दी जानी लगी है कि फलां व्यक्ति को फलानी लत लग गयी ऐसा क्यों कहा जाता है यह तो कहने वाले जाने या जिन्होंने बनाई वह जाने मगर फिलहाल कई बार यह व्यक्ति को अच्छे धर्म समाजसेवा शिक्षा और समाज की सेवा की ओर भी ले जाती है और इस क्षेत्र में आगे बढ़ गया वह व्यक्ति हर सामजिक क्षेत्र में गतिशील होने के बावजूद भी इसे छोड़ने को तैयार नहीं होता।
इस संदर्भ में हम वर्तमान समय में सनातन धर्म के मजबूत पक्षधर देशभर के साधू संतो से मंदिरों और उनके आश्रमों में जाकर धर्म ज्ञान प्राप्त करने में लगे संजय कुमार अग्रवाल को देख सकते हैं। बता दें कि अपने देश में धर्म प्रचार आदि में अग्रणी भूमिका समाज को प्रेरणाश्रोत भूमिका निभा रहे साधू संतों से प्राप्त हो रहा ज्ञान संजय कुमार के चेहरे से झलकता है।
स्मरण रहे कि 27 जनवरी 1970 को श्री संजय कुमार का जन्म हापुड़ जो वर्तमान में जनपद है के रेलवे रोड माता मोहल्ला में हुआ तथा संजय कुमार जी की शादी 11 मार्च 1990 को प्रिया अग्रवाल से हुई उन्हांेंने डीएन डिग्री कॉलेज से बीए तक शिक्षा प्राप्त की उनके दो बेटे प्रांशु कुमार और ईशान अपने अपने क्षेत्रों में सफलता के साथ आगे बढ़कर अपने माता पिता और परिवार का नाम रोशन कर रहे हैं तो उनकी बेटी दिव्या भी अपने परिवार में खुश है।
अपने सर्किल में चाणक्यनीति आगे बढ़ने तथा सेवाभाव से हर क्षेत्र में काम करने के साथ ही अपना पारिवारिक व्यवसाय सफलता के साथ आगे बढ़ा रहे संजय कुमार के बारे में कहा जाता है कि वह समाज हित में आम के आम गुठलियों के दाम वाली कहावत पर बिल्कुल सही उतरते है। बताते हैं कि जिस संस्था से भी वह जुड़ते हैं वह नाम और दाम दोनों कमाने में अग्रणी हो जाती है इसके जीते जागते रूप में भारत विकास परिषद की शाखा जिसके वह अध्यक्ष है तथा एलेकजेंडर क्लब को देख सकते हैं वह देश के प्रतिष्ठित दिल्ली राजधानी में स्थित इंडिया हेविटेट और इंटरनेशनल सेंटर के सदस्य के साथ ही देश भर के कई क्लबों प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ ही सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के वरिष्ठ सदस्य हैं।
केंन्द्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड एवं राजभाषा समिति के सदस्य रहते हुए इस क्षेत्र में अपनी पहचान काम करने और सुझाव से अलग पहचान बनाने में सफल संजय कुमार भाजपा सांसद श्री मनोज तिवारी के साथ एक भोजपुरी फिल्म भी बना चुके हैं जो काफी अच्छी चली थी। इसके अलावा फिल्मी दुनिया में भी उनका कुछ क्षेत्रों में अच्छा असर होना बताया जाता है।
समाज के साथ साथ उत्तर प्रदेश और दिल्ली के राजनीतिक गलियारों के साथ ही देश के अन्य कई प्रदेशों में भी उनकी सक्रियता नजर आती है जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल रहे बाबू कल्याण सिंह जी के अतिरिक्त अब उनके पुत्र आदि सहित संतोष गंगवार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आदि से भी अच्छे राजनीतिक और समाजसेवा के दृष्टिकोण से संबंध बताये जाते है।
अभी उनके द्वारा एलेकजेडर एथेलेटिक क्लब जिनके वह सचिव है अपने सहयोगी पदाधिकारियों उपाध्यक्ष जेपी अग्रवाल और कोषाध्यक्ष राहुल दास व कार्यकारिणी सदस्यों आदि के के साथ क्लब में कई मंजिला ईमारत का नक्शा पास कराया जिसमें कई नए कार्य क्लब से संबंध जुड़ेंगे वर्तमान में वह देशभर के कई दर्जन क्लबों के साथ तालमेल बनाने के लिए प्रयासरत है जिससे हमारे सदस्य जहां भी जायंे वह बिना किसी रोकटोक के उन क्लबों में सम्मान के साथ जा सकें। संजय कुमार वर्तमान में द अध्ययन स्कूल शताब्दी नगर जो अच्छी शिक्षा और माहौल देने के लिए जाना जाता है के चेयरमैन है उनका बेटा प्राशु भी साथ में इस क्षेत्र में भूमिका निभा रहा है छोटा बेटा ईशान जापान में कार्यरत है। संजय जी लम्बे समय से पेट्रोल पंपों की संस्था के कई पदों पर विराजमान रहे।
बताते चलें कि कुछ वर्ष पूर्व एक षडयंत्र के तहत एक तेल मामले में उन्हंे फंसाने और बदनाम करने का कई ग्रुपों ने मिलकर बड़ा प्रयास किया मगर सांच को आंच नहीं वाली कहावत पर वह खरे उतरे वर्तमान में उनका सम्मान और भी बढ़ गया है अब वह कई क्लबों के विभिन्न पदों पर रहकर काम कर रहे हैं।
विज्ञान में ज्योतिषी और आदिकाल में जो हमारे पूर्वजों ने ज्योतिषी विद्या से लोगों का भला किया था संजय जी विज्ञान की ज्योतिषिा को भी सम्मान देते हुए देश के विभिन्न ज्योतिषाचार्यों सहित पंडित लेखराज शर्मा जी के सानिध्य में विधि विधान से ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। पूर्व में वह शताब्दी नगर मेरठ स्थित अपने स्कूल द अध्ययन में एक बहुत बड़ा ज्योतिषी सम्मेलन भी करा चुके हैं जिसमें देशभर के ज्योतिषियों ने पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया था इस आयोजन में सीनियर आईएएस डिम्पल वर्मा सहित कई वीआईपी सहित सैकड़ों अभिभावकों व प्रमुख नागरिकों ने भाग लिया था ।
वर्तमान में मेरठ कालेज और डीएन कॉलेज की प्रबंध समितियों के कई सदस्या और साधारण मेंबर भी जानकारी अनुसार संजय कुमार से संपर्क कर उन्हंे इन दोनों कॉलेज की प्रबंध समितियों में सक्रिय होकर अपनी भूमिका निभाने के लिए सहमत कर रहे बताये जाते हैं।
एक टेलिफोन बंद होता नहीं दूसरा शुरू हो जाता है इसलिए उन पर एक अनार सौ बीमार वाली कहावत भी सही उतरती है। क्योंकि एक व्यक्ति एक या दो फोन ही एक बार में सुन सकता है अब अगर दिन में 500 फोन आएंगे तो नहीं सुने जा सकते मगर संजय कुमार अग्रवाल की विनम्रता और सबके चरण छूने से जो नाराज है वह भी प्रशन्न हो जाते है इस बारे में संजय कुमार का कहना है कि मेरे स्वर्गीय पिता रामनिवास जी ने मुझे सिखाया था कि सबके पैर छूने से तुम्हारा यश बढ़ेगा और उनके जो अच्छे काम और उसका जो उन्हें लाभ प्राप्त होगा वह तुम्हें भी मिलेगा।
धार्मिक संस्थाओं में देखें तो बद्रीनाथ, केदारनाथ, वैष्णों देवी आदि धार्मिक स्थानों के दर्शन करने सहित वह प्रमुख काली पल्टन मंदिर अन्नपूर्णा चेरिटेबिल ट्रस्ट से भी जुड़े रहकर अनेकों धर्म को बढ़ावा देने व सेवा कार्य कर रहे है।
(जन चर्चाओं पर आधारित भावनात्मक प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई संपादक पत्रकार)

