नई दिल्ली 03 जुलाई। भारत सरकार ने सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इंटरनेट जगत के दो सबसे बड़े प्लेटफॉर्म—गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर—को तत्काल प्रभाव से तीन मोबाइल ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने (डिलीट करने) का कड़ा निर्देश दिया है. इन ऐप्स के नाम BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy हैं.
पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली-एनसीआर में ई-रिक्शा चालकों को अजीब और खतरनाक समस्या का सामना करना पड़ रहा था. चलते-चलते अचानक ई-रिक्शा बीच सड़क पर ठप हो रहे थे. जांच में सामने आया कि कुछ शरारती तत्व और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स सिर्फ व्यूज और मजे के लिए इन तीन ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर रहे थे. दरअसल, इन बजट ई-रिक्शा में जो लिथियम-आयन बैटरी लगी होती है, उसका मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ब्लूटूथ से जुड़ा होता है. कई कंपनियां इसमें सुरक्षा के लिए पासवर्ड नहीं लगाती हैं.
इन ऐप्स की मदद से कोई भी अनजान व्यक्ति 10 से 15 मीटर की दूरी से ही ई-रिक्शा के ब्लूटूथ को हैक कर लेता था और बिना ड्राइवर की मर्जी के गाड़ी की पावर सप्लाई को सीधे बंद (स्विच ऑफ) कर देता था.
इस मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने और ई-रिक्शा ऑपरेटरों की शिकायतों के बाद सरकार तुरंत एक्शन में आई. आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने एक कार्यक्रम में साफ किया कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तुरंत दोनों कंपनियों को आदेश जारी कर इन ऐप्स को ब्लॉक करवा दिया गया.
उन्होंने कहा कि ऐप स्टोर्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे ऐप्स को जगह न दें जो आम जनता की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हों या किसी भी तरह की गैर-कानूनी गतिविधि को बढ़ावा देते हों. सरकार अब डिजिटल स्टोर्स के लिए नए और कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है ताकि भविष्य में देश के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे ऐप्स डाउनलोड न किए जा सकें.
सुरक्षा के लिए क्या करें चालक?
इस प्रतिबंध से गरीब ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चालकों को तुरंत अपने बैटरी सर्विस सेंटर पर जाकर अपने ब्लूटूथ का ‘डिफॉल्ट पासवर्ड’ बदलवा लेना चाहिए, ताकि कोई अन्य ऐप उनकी गाड़ी को रिमोट से कंट्रोल न कर सके.

