सहारनपुर 13 मई। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. बिहारीगढ़ इलाके में फ्लाईओवर की दीवार दरकने के बाद अब अमानतगढ़ के पास बिहारीगढ़ फ्लाईओवर पर दो जगह सड़क धंस गई है.
हाइवे अधिकारियों ने धंसी हुई सड़क को जेसीबी की मदद से तोड़कर सुधार कार्य शुरू कर दिया है. वहीं सुरक्षा की दृष्टि से एक्सप्रेस की दो लाइन को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है.
जिला अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि मामला हाइवे अथॉरिटी से जुड़ा है. उन्होंने हाइवे अथॉरिटी अधिकारियों से इस बाबत बात की है. हाइवे पर जहां दिक्कत आई है, उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए है. एक्सप्रेस-वे पर सड़क धंसने की सूचना मिलते ही निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन से क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़ना शुरू कर दिया. एहतियात के तौर पर एक साइड की दो लेन को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया है, जबकि केवल एक लेन से वाहनों का संचालन कराया जा रहा है.
सड़क धंसने के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 6 महीने पहले भी इसी स्थान पर सड़क धंस गई थी.
उस समय मरम्मत करके सड़क को ठीक किया गया था, लेकिन अब दोबारा सड़क धंसने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. राहगीरों ने बताया कि अभी मानसून शुरू भी नहीं हुआ है और सड़क की यह स्थिति है. बारिश के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं.
14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था. इसके कुछ ही दिनों बाद अप्रैल के अंत में बिहारीगढ़ फ्लाईओवर की दीवार में दरारें सामने आई थीं.
उस समय पुल के ढांचे को एंकर प्लेट्स के सहारे सुरक्षित रखने की कोशिश की गई थी. बड़गांव इलाके के दल्हेड़ी फ्लाईओवर के पास भी मिट्टी कटाव होने से समस्या गंभीर होती जा रही है. फ्लाईओवर के किनारों पर मिट्टी बहने से गहरे गड्ढे बन गए हैं.
बारिश और भारी वाहनों के दबाव के कारण ढलान वाली जगहों से लगातार मिट्टी खिसक रही है. निर्माण कंपनी अब इन हिस्सों को पक्का कराने में जुटी हुई है.
वाहन चालकों का कहना है कि कई स्थानों पर कटाव इतना गहरा हो चुका है कि यदि कोई भारी वाहन सड़क किनारे खड़ा हो जाए तो जमीन धंस रही है. खासतौर पर रात के समय दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक बढ़ जाता है.
रेस्ट एरिया और सर्विस रोड के आसपास भी मिट्टी कटाव के कारण 4 से 5 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं. पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से फ्लाईओवर और पुलों के आसपास की मिट्टी लगातार बह रही है.
लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों ने एक्सप्रेस-वे निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

