बिजनौर 09 अप्रैल। जिले के महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ माह पूर्व हुई घटना को कॉलेज प्रशासन ने करीब डेढ़ माह तक दबाए रखा और आंतरिक मामला मानकर सुलझाने का प्रयास करता रहा।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन तक मामला पहुँचने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने जांच कराई और कड़ी कार्रवाई करते हुए एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 11 छात्रों को दोषी पाया और उन्हें निलंबन व जुर्माने की कड़ी सजा सुनाई है।
रैगिंग के आरोप में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 11 छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। इनमें एक छात्र को 10 हजार रुपये जुर्माना व छह सप्ताह का निलंबन किया गया। जबकि एक अन्य छात्र को 10 हजार रुपये जुर्माना व चार सप्ताह के लिए निलंबन किया गया। एक छात्र पर पांच रुपये जुर्माना व दो सप्ताह के निलंबन किया गया। ऐसे ही आठ छात्रों को दो सप्ताह के निलंबन की सजा दी गई है। इसके अलावा रैगिंग से आहत और मानसिक रूप से परेशान हुए पीड़ित छात्र की मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कई बार काउंसलिंग गई।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डा. तुहिन वशिष्ठ का कहना है कि संस्थान में रैगिंग के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। घटना करीब डेढ़ माह पुरानी है और आंतरिक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई भी करीब एक माह पूर्व की जा चुकी है। सभी छात्रों के अभिभावकों को भी बुलाया गया था।

