Date: 30/05/2024, Time:

गोण्डा में लापरवाही बरतने में यशोदा अस्तपाल सीज

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गोण्डा 27 अप्रैल। डॉक्टर के लापरवाही से प्रसूता के मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही करते हुए यशोदा हॉस्पिटल को सील कर दिया है। वहीं अस्पताल के डॉक्टर के विरुद्ध मृतका के पति के शिकायती पत्र पर गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार के 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर खोड़ारे थाना क्षेत्र अंतर्गत केशवनगर ग्रांट पश्चिमी बिजहरिया गांव के रहने वाले रविन्दर शर्मा पुत्र राम स्वरूप शर्मा ने अपने पत्नी लल्ली देवी को सीएचसी बभनजोत मे नार्मल डिलीवरी न होने पर आशा बहू के सलाह पर खुद आशा बहु साथ जाकर प्रसव करवाने के लिए यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। इस दौरान मृतका के पति ने मौजूद डाक्टर को ऑपरेशन के लिए 35000 रुपए दिया था। लेकिन ऑपरेशन थिएटर में लेकर जाने के बाद जच्चा और बच्चा की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा काटा था।

मामले की जानकारी होने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी थी। जांच के दौरान यशोदा अस्पताल के डॉक्टर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। जांच में पाया गया कि हॉस्पिटल अनियमित रूप से संचालित हो रहा था। मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल को सील करवा दिया।

खोड़ारे पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में मृतका के पति ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी पत्नी लल्ली देवी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को बुक्कनपुर के यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां पर मौजूद डॉक्टर राजेश पाण्डेय ने उसकी पत्नी के आपरेशन करने की बात कहकर पैंतीस हजार रुपया जमा करवाया था। आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर राजेश ने लापरवाही पूर्वक लल्ली का ऑपरेशन किया,जिससे जच्चा बच्चा ने दम तोड़ दिया। मृतका के पति ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन की शिकायत करने पर डॉक्टर राजेश ने भद्दी भद्दी गालियां देते हुए धमकी दी।
पीड़ित के शिकायती पत्र पर खोड़ारे पुलिस ने आरोपी डॉक्टर राजेश के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या,गाली गलौज, जान माल की धमकी और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रश्मि वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर अस्पताल को सीज कर दिया गया है। अस्पताल के पास केवल ओपीडी करने का रजिस्ट्रेशन है। किसी भी प्रकार की सर्जरी करने के लिए अस्पताल का पंजीकरण नहीं है।

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