Date: 28/02/2024, Time:

राजस्थान में बना विश्व का पहला ॐ आकार का मंदिर, 10 से 19 फरवरी तक होगा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

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जयपुर 06 फरवरी। राजस्थान के पाली में विश्व का पहला ॐ आकार का शिव मंदिर बनकर तैयार है. मंदिर की दिव्यता और भव्यता देख आंखें चमक उठेगी. पाली जिले के जाडन में करीब 250 एकड़ में ओम आकार का मंदिर बनकर तैयार है. यह विश्व का पहला ओम आकार का शिव मंदिर है. इस योग मंदिर के परिसर में और भी कई भवन है जो सनातन प्रतीक के रूप में हैं. इनमें प्रमुख रूप से यज्ञवेदी जैसा दो मंजिला गुरुकुल, स्वास्तिक के आकार में हॉस्टल, और तारानुमा अस्पताल भवन है. योग मंदिर में सिर्फ एक ही आकर्षण नहीं है, यंहा मंदिर का हर कोना आकर्षण का केंद्र है.

लोगों को सनातन संस्कृति और योग से जोड़ने के लिए तीर्थ प्रेणता श्री अलखपूरी सिद्धपिठ परंपरा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महेश्वरानंद महाराज ने इसे मूर्त रूप दिया. उन्होंने इसका सपना 40 वर्ष पूर्व देखा था. जब एक विदेशी पर्यटक ने उन्हें कहा कि भारत यात्रा के दौरान उसने ताजमहल को नहीं देखा इसलिए उसकी यात्रा अधूरी रही. तब उन्होंने ओम आकर का एक मंदिर बनाने के बारे में सोचा और 23 जनवरी 1995 को जाडन के पास इसका शिलान्यास किया.

लगातार अनवरत 28 वर्ष तक काम करने के बाद अब मंदिर ने पूरा ओम आकर ले लिया. 10 फरवरी से 19 फरवरी तक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है. ओम आकार का दुनिया का एकमात्र यह भव्य मंदिर है. मंदिर में पहाड़ और तालाब भी कृत्रिम बनाए गए हैं. 250 एकड़ में चार मंजिला इमारत और 108 कमरे इस प्रकार बनाए गए हैं कि ओम आकार साकार होता है. ओम आकार के भव्य मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान शिव का मंदिर है. साथ ही 1008 प्रतिमाएं भगवान शिव की इस मंदिर में लगी हुई हैं.

शिव मंदिर के साथ सात ऋषियों की समाधि भी यंहा मौजूद है. साथ ही इस इमारत में चार मंजिला स्कूल कॉलेज भी है. मंदिर की इमारत में नागर शैली का स्थापत्य है. वास्तु कला भी उत्तर भारतीय है. आधा किलोमीटर के दायरे में फैले मंदिर की नींव रख जाने के वक्त देशभर से साधु संत आए थे. मंदिर में भगवान शिव की 1008 अलग-अलग प्रतिमाएं हैं. मंदिर में कुल 108 कमरे हैं.
मंदिर का शिखर 135 फीट ऊंचा है. सबसे ऊपर वाले भाग में शिवलिंग है. शिवलिंग पर ब्रह्मांड की आकृति है. इस मंदिर में खास बात यह है कि आश्रम के निर्माण में धौलपुर का गुलाब बंसी पहाड़पुर का पत्थर उपयोग में लिया गया है. 10 फरवरी से शुरू हो रहे प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में देश-विदेश के सैकड़ों लोग आएंगे. उनके ठहरने और खाने के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है. विदेशी मेहमानों के लिए सो स्वीट होम बनाए गए हैं. आश्रम में तीन हेलीपैड भी तैयार करवाए गए हैं.

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