नई दिल्ली 05 फरवरी। आधार कार्ड के जरिए आज के समय में करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। मरे हुए लोगों के आधार कार्ड को भी साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है या उसका गलत इस्तेमाल किया जाता है।
ऐसे में बायोमेट्रिक पहचान सिस्टम की रक्षा करने के लिए, सरकार ने मृत व्यक्तियों के 2.5 करोड़ से ज्यादा आधार नंबर को बंद कर दिया है।
लोकसभा में मंत्री ने दिया बयान
सटीक डेटाबेस बनाए रखने के मकसद से किए गए इस बड़े सफाई अभियान की पुष्टि केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, जितिन प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में एक बयान में की। इस सफाई अभियान का मुख्य मकसद उन सभी कमियों को खत्म करना है जिनसे व्यक्तिगत पहचान का गलत इस्तेमाल हो सकता है।
इस सफाई अभियान के साथ ही सरकार ने एक नया आधार ऐप भी पेश किया है, जो पुराने mAadhaar से काफी अलग और एडवांस है। यह नया डिजिटल साथी आपके फिजिकल कार्ड को साथ रखने की झंझट खत्म कर देगा। इसकी सबसे बड़ी खूबियां ये हैं:-
एक ऐप, पूरा परिवार: अब आप एक ही ऐप में अपना और परिवार के 5 अन्य सदस्यों का प्रोफाइल जोड़ सकते हैं।
घर बैठे बदलें नंबर: अब मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आपको लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी, यह काम ऐप से ही हो जाएगा।
एडवांस सिक्योरिटी: इसमें बायोमेट्रिक लॉक और सिम-बाइंडिंग जैसे फीचर्स हैं। यानी यह ऐप उसी फोन में चलेगा जिसमें आधार से लिंक सिम कार्ड मौजूद होगा।
QR आधारित वेरिफिकेशन: पहचान साबित करने के लिए अब कार्ड दिखाने के बजाय सिर्फ QR कोड स्कैन करना ही काफी होगा।
सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि आधार आपकी पहचान का सबूत है, नागरिकता का नहीं। लेकिन चूंकि यह आपके बैंक खाते से लेकर हर सरकारी सुविधा से जुड़ा है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। जल्द ही इस नए ऐप के जरिए नाम और ईमेल एड्रेस बदलने की सुविधा भी शुरू होने वाली है।
134 करोड़ के आसपास है आधार कार्ड
देश में लगभग 134 करोड़ एक्टिव आधार होल्डर होने के कारण, सिस्टम की सटीकता बनाए रखना एक बहुत बड़ा काम है। सरकार ने बताया कि मृत्यु रजिस्ट्रेशन की जगह आधार कार्ड पर लिखे पते से अलग हो सकती है, जिससे सिंक्रोनाइज्ड डीएक्टिवेशन के प्रयास और भी जरूरी हो जाते हैं।
यह देशव्यापी प्रयास एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी सब्सिडी और सेवाएं केवल जीवित, सही लाभार्थियों तक ही पहुंचें।
पुराने रिकॉर्ड हटाने के अलावा, मंत्रालय ने सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए अभी मौजूद कई टेक्नोलॉजिकल सुरक्षा उपायों के बारे में भी बताया। उदाहरण के लिए, बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक फीचर यूज़र्स को अपना डेटा “लॉक” करने की सुविधा देता है, जिसे बयान में “किसी भी अनधिकृत ऑथेंटिकेशन की कोशिश को रोकने” में एक बड़ा कदम बताया गया है।

