जालोर 22 जनवरी। राजस्थान के जालोर में भीनमाल क्षेत्र से समाज बहिष्कार और आर्थिक दंड का गंभीर मामला सामने आया है। माली समाज के कथित सात पंचों पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवार को समाज से बाहर करने के साथ 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया। विवाद की जड़ एक युवक का लिव-इन रिलेशनशिप बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि न केवल उन्हें, बल्कि उनकी मदद करने वालों को भी लगातार धमकियां दी जा रही हैं।
पीड़ित बाबुलाल ने पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बताया कि उसका साला एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों ने 26 अगस्त 2025 को आपसी सहमति से इकरारनामा भी कराया था। इसके बाद समाज के कुछ लोगों और युवती के परिजनों की ओर से जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। लगातार मिल रही धमकियों के चलते दोनों ने जोधपुर हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा और संरक्षण देने के निर्देश जारी किए। पीड़ितों का आरोप है कि इसके बावजूद समाज के कुछ लोगों ने भीनमाल में पंचायत बुलाकर फैसले थोपे।
आरोप है कि पंचायत में बाबुलाल के साले पर 31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही उसकी मदद करने वाले साडू पांचाराम माली को भी समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। पंचायत के फैसले का विरोध करने पर पूरे परिवार को समाज से बाहर करने की चेतावनी दी गई। पांचाराम माली ने बताया कि पंचायत के फैसले के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके परिवार को सामाजिक अपमान और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। आरोप है कि समाज में दोबारा शामिल होने के लिए 11 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया।
पंचायत के फैसले के बाद 9 जनवरी को भीनमाल थाने में सात कथित पंचों के खिलाफ लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोप है कि 20 जनवरी को बयान देने के बाद पंचों ने दबाव बनाते हुए और बड़ा जुर्माना लगाने तथा समाज से बाहर करने की धमकी दी।
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर बुधवार को पीड़ित परिवार और उनके रिश्तेदार जालोर पहुंचे। उन्होंने एसपी शैलेन्द्र सिंह के समक्ष पेश होकर निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और जान-माल की सुरक्षा की मांग की। पुलिस का कहना है कि भीनमाल थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

