Date: 28/05/2024, Time:

राज्यसभा में जाने का ख्वाब देखने वाले कई का पत्ता हुआ साफ

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लोग सही कहते हैं कि पीएम मोदी कब क्या निर्णय लेंगे और किसको क्या देंगे वो उनके अलावा शायद कोई नहीं जानता। बीते दिनों भारत रत्न की हुई घोषणा से तो यह साफ हुआ ही। अब राज्यसभा के होने वाले चुनाव में जिस तरीके से उन्होंने नामों की घोषणा की। वैसा किसी को यकीन नहीं था ऐसा हो सकता है। क्योंकि बिहार में उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और हरियाणा में जनरल डीपी वत्व का पत्ता कट किया तो यूपी में पीएम के निकट समझे जाने वाले प्रमुख किसान नेता ठाकुर विजयपाल सिंह और महिला नेत्री कांता कर्दम का टिकट काटकर तो लोगों को यह बताया ही हाईकमान का निर्णय सर्वोपरि बाकी सब बाद में। क्योंकि यह उम्मीद की जा रही थी कि जल्दी ही भाजपा में शिमल होने जा रहे रालोद मुखिया जयंत चौधरी को पूर्व पीएम चौधरी चरण िंसह को भारत रत्न देकर जो खुशी प्रदान की जयंत की पत्नी चारू चौधरी को राज्यसभा में भेजकर उसे दोगुना करेंगे। यह अहसास भी कराएंगे कि रालोद मुखिया भाजपा में जाकर कोई गलती नहीं कर रहे हैं। लेकिन यूपी की सात राज्यसभा सीटों के लिए सुधांशु त्रिवेदी, अमरपाल मौर्य, आरपीएन नवीन जैन, साधना सिंह, संगीता और तेजवीर को मैदान में उतारकर ऐसे नेताओं के अरमानों पर पानी फेरा जो यह आस लगाए बैठे थे कि उनका टिकट पक्का है।
भविष्य में क्या होगा यह तो 15 राज्यों में 56 सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव संपन्न होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन आज पूर्व केंद्रीय मंत्री रालोद मुखिया रहे चौधरी अजित सिंह के जन्मदिन पर यह उम्मीद की जा रही थी कि भाजपा रालोद मुखिया और उनके समर्थकों को आकर्षित करने और किसान और मजदूरों को यह बताने के लिए कि जो सहयोगी उनके साथ आ रहे हैं उन्हें भरपूर प्राथमिकता देंगे मगर उम्मीदवारों की हुई घोषणा में कुल मिलाकर ऐसा कुछ नहीं हुआ जो इस बात का प्रतीक है कि मोदी तो मोदी ही हैं। आज वो जिस स्थान पर हैं और जो सम्मान दुनिया में पा रहे हैं उसके पीछे यही कारण कह सकते हैं कि कब क्या करेंगे यह उनके निकट सहयोगी भी समय से नहीं पहचान पाते। सपा ने पांचवी बार भी चर्चा अनुसार फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन पर ही दांव आजमाने का फैसला किया बताते हैं। लेकिन अभी घोषणा नहीं हुई है। मगर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पत्रकार सागरिका घोष, संपादक नदीमुल हक, सुष्मिता देव और ममता बाला ठाकुर को राज्यसभा में भेजने की घोषणा कर सभी ध्यान खींचा है।
ज्यादातर नामों की घोषणा हो गई है और अभी बहुत कुछ होना है लेकिन एक बात अभी भी कही जा सकती है कि नामांकन से पूर्व उम्मीदवारों के नामों में बदलाव होने की संभावनाओं को अभी भी आसानी से नहीं नकारा जा सकता बस अड़चन एक ही है कि फैसला लेने वाले मुखिया मोदी जी के इशारे पर ही सबकुछ करेंगे और पीएम मोदी जल्दी से अपना निर्णय बदलते नहीं है। लेकिन संभावनाओं से किसी भी प्रकार से इनकार नहीं किया जा सकता। जहां तक बात रालोद मुखिया की है तो अभी तक उन्होंने सिवाय अपने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने कि तैयारी करो बागपत से चुनाव लड़ेंगे कुछ नहीं कहा है। मगर वह खुश है कि भले ही राज्यसभा में उनका उम्मीदवार ना जाए पाए लेकिन वह भाजपा का दामन थामकर ही वह आगे बढ़ेंगे। क्योंकि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा केंद्र सरकार बहुत कुछ कर चुकी है।

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