Date: 30/05/2024, Time:

आहार निषेध दिवस पर विशेष! शरीर की सुंदरता ही नहीं सम्मान और प्रगति अच्छी सोच और समयानुकूल निर्णय लेने से ? अतुल गुप्ता, आयुष गोयल व पीयूष गोयल हैं इसके प्रतीक

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हष्ट पुष्ट और सुंदर हर कोई दिखना चाहता है क्योंकि सलोनी सूरत सबको प्यारी लगती है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि जो लोग सुंदर नहीं होते उन्हें कोई प्यार नहीं करता। जीवन में हर किसी की अहमियत और महत्ता उसकी सोच और काम से बढ़ती है। इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता। इसलिए कभी कभी जो लोग अपने आप को सुंदर नहीं समझते उनकी पूछ स्मार्ट लोगों से ज्यादा होती है। इसलिए हमें भगवान ने जो रंग रूप और शरीर सौंपा है उसे कुदरत का बेमिसाल तोहफा समझकर हमें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। दोस्तों जब हम पढ़ लिखकर व्यवसाय चलाने अथवा नौकरी करने निकलते हैं तो हमारा बोस और वरिष्ठ सहयोगी हमसे कम आकर्षक होते हैं तो भी हम उनका मान सम्मान करते हैं। और उनके साथ बैठकर समय गुजारने में शान समझते हैं। साथियों इसके उदाहरण के रूप में हम महान वैज्ञानिक आस्टिन को देख सकते है। जब वो भारत आए तो तत्कालीन प्रधानमंत्री भी उनका भाषण सुनने पहुंचे। स्थानीय स्तर पर देखें तो एपेक्स बिल्डर गु्रप के चेयरमैन भारत सरकार की दिव्यांग मंत्रालय की कमेटी के सदस्य अतुल गुप्ता व आयुष गोयल पीयूष गोयल को देख सकते है। आयुष और पीयूष दोनों भाई समाज में अपना स्थान बनाते जा रहे हैं। जबकि वो हमारे बराबर शरीर से एक्टिव नहीं है। मगर दिमाग खूब दौड़ता है अच्छी सोच के साथ। इसी प्रकार अतुल गुप्ता को पूरे समाज में एक विशेष सम्मान मिलता है और जहां भी वह जाते हैं उनके इर्द गिर्द मिलने वालों की भीड़ लग जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार मेरठ आए और शताब्दीनगर में जनसभा की तो सबसे पहला गुलदस्ता लेने हेतु वो मंच पर अतुल गुप्ता के पास चलकर गए। इसी प्रकार जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मेरठ आए और बागपत रोड स्थित विद्या नॉलेज पार्क में पहुंचे तो उन्होंने अतुल गुप्ता से अलग से बातचीत की और उनकी सोच और मजबूत इरादों की प्रशंसा भी की।
आज हम आहार निषेध दिवस मना रहे हैं जो हर साल छह मई को मनाया जात है। इस मौके पर जिन महान विभूतियों की चर्चा की है उसका उददेश्य सिर्फ इतना है कि हमें अपनी इच्छा शक्ति के दम पर उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए समाज के लिए भी जो कर सकते हैं वो करने में सोचने में समय नहीं गंवाना चाहिए। इसलिए मेरा आग्रह है कि भगवान ने जितना पेट दिया है उसके हिसाब से भोजन भी करिए। पसंदीदा खाद्य पदार्थ खाईए। सुंदर दिखने के लिए फालतू की डाइटिंग और इसके चक्कर में आने वाले नकली और नुकसानदायक कुछ पाउडर आते हैं उनसे दूरी बनाकर रखे। सिर्फ इसलिए जिम ना जाएं कि हम स्मार्ट दिखें। मेरा मानना है कि स्वस्थ रहने के लिए सुबह एक घंटे का समय अपने लिए निकालकर योग और पैदल घूमना। हल्दी नींबू और काले नमक के सूप का सेवन डॉक्टर से सलाह लेकर करें तो विश्वास से कह सकता हंू कि आप अपने आप संुदर और स्मार्ट नजर आने लगेगे। क्योंकि इससे जो आपकी चेहरे की चमक और स्टेमिना बढ़ेगा वो आपको हर जगह इज्जत और सम्मान दिलाएगा।
प्रिय पाठकों एक जमाना था जब फिल्मों में चॉकलेटी हीरो और सुंदर हिरोईनों को ही काम ज्यादा मिलता था लेकिन अब फिल्मों के साथ साथ टीवी सीरियल चल रहे हैं और वेब सीरीज बन रही हैं। इनमें कोई व्यक्ति कैसा भी हो उसे उसी के अनुसार रोल और मेहनताना मिल रहा है। जब दर्शक उसके अभिनय की तारीफ करते हैं तो उसकी जो कमियां होती है वो भी दूर हो जाती है। इसलिए अपने शरीर को देखकर शर्मिंदा ना हो यह जरूर है कि खानपान का ध्यान उम्र और सेहत के अनुसार रखें तो पूरा जीवन आप जिंदादिली व सम्मान के साथ जी सकते हैं। मुझे लगता है कि इससे बड़ा निर्णय आहार निषेघ दिवस पर हम नहीं ले सकते। इसलिए आओ भगवान को मानव जीवन के लिए धन्यवाद करें जिससे शरीर को मजबूत बनाए और मस्ती के साथ जी सकें।
(संपादकः रवि कुमार बिश्नोई दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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