धार्मिक नगरी हरिद्वार आदि से पवित्र जल लेकर हरियाणा राजस्थान, दिल्ली और यूपी में स्थित अपने गंतव्यों को जाने वाले शिवभक्त कांवड़ियों का यहां से होकर जाना शुरू हो गया है। आज रूड़की रोड पर गाजियाबाद, दिल्ली और अन्य जगहों पर जाने वाले शिवभक्तों के बोल बम जयकारों से मार्ग गूंज रहा था और यह पता चलता था कि भगवान शिव को मनाने के लिए पूजन करने का मैन पर्व महाशिव रात्रि आ गया है।
वैसे तो यह पर्व देशभर में शिवभक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ धूमधाम से मनाया जाता है और खबरों से पता चलता है कि दुनियाभर में रहने वाले शिवभक्त जहां वह निवास करते हैं वहां भक्ति से परिपूर्ण धार्मिक माहौल में मनाया जाता है। अपने प्रमुख धार्मिक स्थल पुरा महादेव और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कैंट क्षेत्र में स्थित कालीपल्टन औघड़नाथ मंदिर में गर्मियों में सावन में आने वाली शिवरात्रि पर तो श्रद्धालुओं का अपार समूह उमड़ता है लेकिन महाशिव रात्रि पर भी शिवभक्त कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की लगभग दो लाख संख्या में भक्तों द्वारा पूजन किये जाने की चर्चा रहती है।
इस आस्था से परिपूर्ण मेले को बिना किसी कठिनाई से सम्पन्न कराने और भक्त आसानी से जल चढ़ा सकें इसके लिए मेरठ मंडलायुक्त भानुचंद गोस्वामी, एडीजी पुलिस, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डा0 वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे, एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह द्वारा भरपूर प्रयास करने के साथ ही काली पल्टन मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डा0 एमके बंसल, वर्तमान अध्यक्ष सतीश सिंघल उपाध्यक्ष ब्रजभूषण गुप्ता, महामंत्री सुनील गोयल, कोषाध्यक्ष अतुल अग्रवाल, अमित अग्रवाल, मुकेश गुप्ता, अमरेश अग्रवाल, कैलाश बंसल, मैनेजर दिनेश मित्तल व संजय बंसल आदि से व्यवस्थाओं के बारे विस्तार पूर्वक चर्चा की जा चुकी है इस संदर्भ में डा. एमके बंसल का कहना है कि बाबा औघड़नाथ और मां पार्वती को इस दौरान नई व आकर्षक पोशाक धारण कराई जाएगी तथा मां पार्वती के श्रंगार के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। सतीश सिंघल के अनुसार 2 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए जलाभिषके हेतु एक हजार लोटों की अतिरिक्त व्यवस्था के साथ ही भक्त आसानी से जल अर्पण कर सकें इसके लिए बेरिकेडिड व्यवस्था तो की ही गयी है भक्त बेरिकेडिड के माध्यम से गरूड़ द्वार से प्रवेश करेंगे और नंदी द्वार से निकासी होगी। दूसरी ओर इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरूष कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षाबल सादे भेष में रहने की व्यवस्था है। मंदिर पूरी तौर पर सीसीटीवी कैमरों की नजर में होगा। जिसके लिए कंट्रोल रूम भी अलग से बनाया जा रहा है बताते हैं। सुरक्षा के लिए पीएसी, आरएएफ के साथ ही प्रवेश द्वारा के आसपास ही 26 पुलिस पिकेट्स सुरक्षा व्यवस्था के लिए के अतिरिक्त तीन कंपनी पीएसी दो कंपनी आरएएफ दो एसीपी 8 डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 112 सब इंस्पेक्टर, 550 कॉन्सटेबल की तैनाती की जा रही बताते हैं। श्रद्धालुओं के वाहन बाला जी मंदिर और उधर पुराने नैंसी तिराहे पर बेरियर लगाकर रोके जाने की व्यवस्था भी पता चली है।
प्रस्तुति :- अंकित बिश्नोई
मजीठियां बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री, संपादक पत्रकार
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