Date: 15/06/2024, Time:

वायनाड से लड़ सकती है प्रियंका गांधी, 11 जून को रायबरेली के मतदाताओं का आभार व्यक्त करेगा गांधी परिवार, 2029 के चुनाव में सक्रिय हो सकती है नई पीढ़ी

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कांग्रेस भले ही विपक्ष में बैठ रही हो लेकिन उसके नेता अब पूरी तौर पर सक्रिय और जनता के बीच बने रहना चाहते है। शायद इसीलिए कांग्रेस संसदीय दल की नेता बनने के बाद सोनिया गांधी लोकसभा में विपक्ष के संभावित नेता राहुल गांधी और प्रियका गांधी के साथ रायबरेली के मतदाताओं का धन्यवाद देने हेतु राजनीति में सक्रिय कांग्रेस का पूरा परिवार प्रियंका गांधी सहित रायबरेली जाने की तैयारी में लगे है खबर के अनुसार आगामी 11 जून को रायबरेली के फुर्सतगंज नाहर कोठी में मंगलवार को शाम को 4 बजे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। तो दूसरी ओर वायनाड सीट से कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को कांग्रेस द्वारा चुनाव लड़ाये जाने की संभावनाऐं बन रही बताई जाती है। क्योंकि बताते है कि कांग्रेस के प्रमुख नेताओं का मानना है कि वायनाड की जनता गांधी परिवार के निकट है और इस अपनेपन को बनाये रखने हेतु कांग्रेस राहुल गांधी द्वारा छोड़े जाने के बाद प्रियंका गांधी को यहां से चुनाव लड़ा सकती है। इससे दो फायदे होंगे कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ही गांधी परिवार के सबसे सक्रिय सदस्य और अपनेपन की भावना से नागरिकों से जुड़े सोनिया गांधी राहुल गांधी और अब प्रियंका गांधी को वायनाड से लड़ाकर फिलहाल तीनों लोकसभा में सक्रिय रहकर जनता की आवाज और पार्टी का रूख बनाये रखने के लिए प्रयासरत है। रही बात कुछ लोगों के इस कथन की कि राबर्ड वाढ़रा को चुनाव लड़ाने की तो जहां तक मुझे लगता है वो भले ही गांधी परिवार में अपनी कुछ भी हसियत रखते हो मगर सामाजिक रूप से राजनीति में अभी परिपक्व नहीं है ऐसा पिछले दिनों पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के द्वारा व्यक्त किये विचारों से भी स्पष्ट होता है।
मेरा मानना है कि कुछ लोग इसे परिवारवाद बढ़ाना भी कह सकते है लेकिन अगर जनता चुनकर भेजती है तो वंश और परिवार वाद के आरोप कहीं नहीं टिकते है। और वैसे भी राजनीति में सक्रिय चाहे कोई भी जो जाए लेकिन जीताकर तो जनता ही भेजती है अगर वो विजय तय करती है तो फिर कोई भी बात महत्व नहीं रखती है।
यह भी समझा जाता है कि राहुल जी ने तो अभी शादी नहीं की है और सोनिया गांधी जी तो धीरे धीरे वरिष्ठता की सूची में शामिल हो रही है ऐसे में 2029 के होने वाले लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार की नई पीढ़ी गांधी परिवार में सक्रिय हो सकती है क्योंकि उन्हें माहौल भी मिल रहा है और सीखने का मौका भी।
(प्रस्तुतिः संपादक रवि कुमार बिश्नोई दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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