Date: 18/07/2024, Time:

हिजाब के खिलाफ हाईकोर्ट से अर्जी रद्द, मुंबई के कॉलेज में हिजाब पर बैन नहीं हटेगा

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मुंबई 27 जून। बॉम्बे हाईकोर्ट ने शहर के एक कॉलेज की ओर से कैंपस में हिजाब, बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश में हस्तक्षेप करने से बुधवार को इनकार कर दिया। जस्टिस ए एस चंदुरकर और जस्टिस राजेश पाटिल की खंडपीठ ने कहा कि वह कॉलेज की ओर से लिए गए फैसले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती और उसने नौ छात्राओं की ओर से इसके खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। ये विज्ञान डिग्री पाठ्यक्रम की द्वितीय और तृतीय वर्ष की छात्राएं हैं।

कहां का है मामला?
छात्राओं ने इस महीने की शुरुआत में हाईकोर्ट का रुख कर ‘चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी’ के एनजी आचार्य और डीके मराठे कॉलेज की ओर से जारी उस निर्देश को चुनौती दी थी, जिसमें हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी पहनने और किसी भी तरह का बैज लगाने पर प्रतिबंध लगाने वाले ‘ड्रेस कोड’ को लागू किया गया था।

याचिका में किया गया ये दावा
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह नियम उनके धर्म का पालन करने के मौलिक अधिकार, निजता के अधिकार और पसंद के अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज की कार्रवाई मनमानी, अनुचित, कानून के अनुसार गलत और विकृत थी। याचिकाकर्ताओं के वकील अल्ताफ खान ने पिछले सप्ताह अपने इस दावे के समर्थन में कुरान की कुछ आयतों का हवाला दिया था कि हिजाब पहनना इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा है।

कॉलेज ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अपने धर्म का पालन करने के अधिकार के अलावा याचिकाकर्ता अपनी पसंद और निजता के अधिकार पर भी भरोसा कर रहे हैं। वहीं कॉलेज ने दावा किया था कि उसके परिसर में हिजाब, नकाब और बुर्का पहनने पर प्रतिबंध केवल एक समान ड्रेस कोड लागू करने के लिए है और इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना नहीं है।

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