Date: 30/05/2024, Time:

विश्व गुर्दा दिवस पर आओ स्वस्थ रहने की कसम खाएं

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आज हम विश्व गुर्दा दिवस मना रहे हैं। यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है कि दबे पांव आने वाली यह बीमारी हमें कितने कष्टों में कई प्रकार से डाल सकती है। और कभी कभी तो भोजन का थोड़ा सा हिस्सा खाने से यह मजबूर कर देती है। कुछ लोग हाईबीपी को किडनी का दुश्मन बताते हैं तो कुछ का कहना है कि नशा और सही खानपान ना होना और असमय भोजन करना और व्यायाम और टहलने से बचना भी इस बीमारी का मुख्य कारण बन जाते हैं। एक बार यह बीमारी अगर हुई नहीं कि घर के सदस्यों की जरूरत के आर्थिक साधन इस पर खर्च होने लगते हैं। हमारे स्वास्थ्य संगठन और डॉक्टरों की संस्थाएं व आम आदमी भी नागरिकों को जागरूक करने हेतु अपने सुझाव देते नहीं थकते फिर भी गुर्दे के महत्व को हम जब तक कोई परिवार में पीड़ित ना हो जाए या हम पर यह असर ना दिखाई देने लगे इसके होने वाले नुकसान को आसानी से समझने को तैयार नहीं है। जिस प्रकार से शुगर अंदर ही अंदर आदमी को खोखला करती है उसी प्रकार से गुर्दे की बीमारी का आभास भी काफी देरी से होता है। यह जरूर है कि नए नए टेस्ट होने की जो तकनीक आ रही है और जैसे जैसे समय गुजर रहा है वो सस्ती भी हो रही है उससे नागरिकों को इस बीमारी का समय से पता चल जाता है मगर खर्च तो होता ही है। जो परिवारों की खुशियों पर कुठाराघात करता है। और यह भी सही है कि हर व्यक्ति महंगे टेस्ट तीन माह में कराने में सक्षम नहीं होता।
जैसे जैसे समय गुजर रहा है गुर्दा प्रत्यारोपण में भी सरलता आ रही है। कानूनी अड़चन कम हो रही है। परिवार का कोई ना कोई सदस्य अपने परिजन को अपना गुर्दा देने के लिए तैयार हो जाता है क्योंकि बताते हैं कि एक किडनी पर भी लोग जीवन यापन कर सकते हैं। मगर फिर वही सवाल उठता है कि जब खानपान सही करना है तो फिर एक फिल्मी गाने सुख में सुमिरन करे तो दुख काहे को होय को आत्मसात करते हुए यह संकल्प ले कि अपने को बीमारियों से बचाने के लिए नियमित रूप से योगा और पैदल चलने के साथ ही खानपान और रहन सहन पर ध्यान देंगे। इस बीमारी का असर स्वयं पर और परिवार पर किसी भी रूप में नहीं पड़ने देंगे। दोस्तों खुशहाल जीवन और खुशियों से भरा माहौल बड़े भाग्यवान व्यक्तियों को मिलता है। तो थोड़ी असावधिनियों को छोड़ बीमारियों से वंचित रहने वालों में शामिल होकर जीवन की रक्षा आगे बढ़कर करें। यही समय की मांग और परिवार के हित में है।

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