Date: 22/04/2024, Time:

मेरठ समेत पांच मेडिकल कालेजों में शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट

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लखनऊ 26 फरवरी। प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) की रफ्तार बढ़ेगी। संजय गांधी पीजीआइ की मदद से पांच मेडिकल कालेजों में गुर्दा प्रत्यारोपण शुरू किया जाएगा। इसके लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। उपरोक्त मेडिकल कालेजों में नेफ्रोलाजिस्ट की तैनाती हो गई है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम भी पूरे हो गए हैं। सरकार से किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी भी मिल गई है। जरूरी उपकरण भी स्थापित किए जा रहे हैं। छह माह के भीतर प्रत्यारोपण शुरू हो जाएगा। सूबे में मौजूदा समय में लगभग 55 हजार पंजीकृत मरीज हैं, जिन्हें किडनी की आवश्यकता है।

एसजीपीजीआइ में नेफ्रोलाजी विभाग के अध्यक्ष और नोडल अधिकारी प्रो. नारायण प्रसाद का कहना है कि प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर की कमी के कारण मरीजों को डेढ़ से दो साल तक इंतजार करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम मरीज दूसरे प्रदेश या कारपोरेट अस्पताल से प्रत्यारोपण करा लेते हैं, लेकिन जरूरतमंद परेशान होता है।

अगस्त तक झांसी, आगरा, गोरखपुर, प्रयागराज और मेरठ मेडिकल कालेज में ट्रांसप्लांट शुरू हो जाएगा। इसके बाद इन जिलों के आसपास के किडनी मरीजों को लखनऊ या राज्य के बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रो. प्रसाद के मुताबिक, इन मेडिकल कालेजों में नेफ्रोलाजिस्ट और यूरोलाजिस्ट की तैनाती भी हो गई है।

इन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की मान्यता भी मिल गई है। ऐसे में इन केंद्रों पर ब्रेन डेड मरीजों के परिवारजन की सहमति के बाद अंगदान भी हो सकेंगे। इससे गुर्दा प्रत्यारोपण को रफ्तार मिलेगी।

एसजीपीजीआइ निदेशक प्रो. आरके धीमान ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है। किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर बढ़ने से निश्चित तौर पर वेटिंग लिस्ट तेजी से घटेगी। इन मेडिकल कालेजों के आसपास के रोगियों को दूर-दराज सफर नहीं करना पड़ेगा।

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