Date: 18/06/2024, Time:

भाई की मार्कशीट पर 43 साल तक करता रहा नौकरी, रिटायरमेंट से ठीक पहले खुली पोल

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ग्वालियर 17 जनवरी। विश्वविद्यालय पुलिस ने सोमवार को नगरनिगम के डिप्टी कमिश्नर अनिल कुमार दुबे की शिकायत पर फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने बाबू कैलाश कुशवाह पर एफआइआर दर्ज की है। कैलाश भाई की मार्कशीट के बूते बाबू बना है उसकी शिकायत चार साल पहले उसके रिश्तेदार ने नगरनिगम से की थी। इसमें एक्शन अब हुआ है।

डिप्टी कमिश्नर अनिल दुबे ने शिकायत में बताया नगरनिगम में तत्कालीन सहायक वर्ग 3 में पदस्थ कैलाश पुत्र काशीराम कुशवाह निवासी मुरैना और उसका भाई रणेन्द्र सिंह कुशवाह दोनों हायर सेकंडरी की एक ही मार्कशीट के सहारे नौकरी कर रहे थे। रणेन्द्र सिंह राज्य पॉवर लूम बुनकर सहकारी संघ मर्यादित शाखा ग्वालियर में पदस्थ है। उसकी हायर सेकंडरी की मार्कशीट में नाम को कांटछांट कर कैलाश ने अपना नाम दर्ज किया। इस मार्कशीट को नगरनिगम में नौकरी हासिल करने में प्रस्तुत किया। उसका फरेब चार साल पहले जौरा निवासी अशोक सिंह कुशवाह ने नगरनिगम के अधिकारियों को बताया। अशोक रिश्ते में कैलाश का दामाद बताया जाता है।

डिप्टी कमिश्नर दुबे ने बताया अशोक ने पिछले साल जांच के साथ कैलाश की हायर सेकंडरी की मार्कशीट की छाया प्रति भी थमाई। उसे जांच के लिए शिक्षा मंडल भोपाल भेजा गया। सहायक सचिव सत्यापन माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने रिकार्ड में मार्कशीट रणेन्द्र सिंह कुशवाह के नाम दर्ज होना बताई। इस आधार पर कैलाश की विभागीय जांच कर उसे बर्खास्त किया गया। फिर पुलिस से शिकायत की।

नगरनिगम में नौकरी हासिल करने के लिए आरोपी ने भाई की मार्कशीट का इस्तेमाल किया था। विभागीय जांच में उसे दोषी माना गया है। इस आधार पर नगरनिगम के अधिकारियों ने शिकायत की थी। इस आधार पर कैलाश कुशवाह पर पुलिस ने धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.

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